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एशियन गेम्स 2026: पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल से पहले क्या है ईशान किशन का प्लान? स्टार बल्लेबाज ने खुद दिया जवाब

Thu, 01 Oct 2026 04:39 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया

सार

भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने श्रीलंका के खिलाफ एशियाड के सेमीफाइनल में 80 रन की शानदार पारी खेली। मैच के बाद उन्होंने कहा कि भारत के लिए मेडल जीतने के लक्ष्य के साथ खेलना सामान्य अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से अलग एहसास देता है और दबाव भी थोड़ा ज्यादा होता है।

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ईशान किशन - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने एशियाई खेलों में श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल में शानदार 80 रन की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 46 गेंदों में पांच छक्के और चार चौके लगाए। मैच के बाद ईशान ने कहा कि एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करना और देश के लिए मेडल जीतने की कोशिश करना सामान्य अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से अलग एहसास देता है। उनके मुताबिक, यहां मेडल की उम्मीद के कारण दबाव भी थोड़ा ज्यादा महसूस होता है।
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'मेडल की बात हो तो दिल पर असर पड़ता है'
ईशान ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब भारत के लिए खेलते हैं और सामने मेडल जीतने का लक्ष्य होता है तो यह भावना दिल पर असर डालती है। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में लहराते भारतीय झंडे और दर्शकों का समर्थन खिलाड़ी को इस मुकाबले की अहमियत का एहसास कराते हैं।

उन्होंने कहा, 'जब आप भारत के लिए खेलते हैं, खासकर जब बात मेडल की हो, तो यह आपके दिल पर असर डालता है। चारों ओर इतने सारे झंडे और आपका उत्साह बढ़ाने वाले लोग होते हैं। आप इसे बाहर से भले न दिखाएं, लेकिन अंदर से महसूस करते हैं कि यह कुछ अलग है।' ईशान ने माना कि टीम में बेहतरीन बल्लेबाज और गेंदबाज होने के बावजूद एशियाई खेलों में थोड़ा ज्यादा दबाव महसूस होता है।

मुश्किल पिच पर 150 रन का लक्ष्य
श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में पिच पर काफी दरारें थीं और बल्लेबाजों को रन बनाने में परेशानी हो रही थी। ऐसे में ईशान ने पारी को संभालते हुए 80 रन बनाए और भारत को 169 रन तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि टीम ने इस तरह की पिच पर कम से कम 150 रन बनाने का लक्ष्य रखा था, क्योंकि भारतीय टीम के पास अच्छे स्पिन गेंदबाज हैं।

ईशान ने कहा, 'हमारे लिए उस स्कोर तक पहुंचना बहुत जरूरी था। ऐसी पिच पर आपको पता होना चाहिए कि कितने रन बनाने हैं। हमारी टीम में स्पिनर हैं, इसलिए सुरक्षित स्थिति में रहने के लिए करीब 150 रन बनाना जरूरी था। हमारा मकसद स्पष्ट था कि किसी तरह 150 रन तक पहुंचना है।'

'सेट बल्लेबाज को 20 ओवर तक टिकना चाहिए'
ईशान ने कहा कि ऐसी मुश्किल पिच पर जो बल्लेबाज क्रीज पर टिक जाए, उसके लिए पारी को लंबा खींचना जरूरी है। नए बल्लेबाज के लिए आते ही बड़े शॉट खेलना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा, 'जो बल्लेबाज क्रीज पर जम गया हो, उसे 20 ओवर तक खेलना चाहिए। यही बड़े रन बनाने और टीम को अच्छे स्कोर तक पहुंचाने का सबसे अच्छा तरीका है। नया बल्लेबाज आते ही बड़े शॉट्स या तेजी से रन बनाने की कोशिश करे तो उसके लिए मुश्किल होती है।' उन्होंने कहा कि अगर बल्लेबाज क्रीज पर जम चुका है तो उसे टीम को बड़ा स्कोर देने की कोशिश करनी चाहिए।

'किस्मत नहीं, हालात को समझना जरूरी'
जब ईशान से पूछा गया कि क्या ऐसी अनिश्चित पिच पर फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में किस्मत की भूमिका बढ़ जाती है, तो उन्होंने इससे सहमति नहीं जताई। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में अच्छी गेंद पर भी बल्लेबाज आउट हो सकता है और इससे मैच का रुख बदल सकता है। ईशान के मुताबिक, ऐसी परिस्थितियों में पिच के व्यवहार, अपनी योजना और टीम की जरूरतों को समझना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को व्यक्तिगत लक्ष्यों के बजाय टीम के लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए।
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पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल पर क्या बोले?
भारत अब शनिवार को पाकिस्तान के खिलाफ गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला खेलेगा। ईशान ने कहा कि टीम इस बड़े मुकाबले के दबाव के बारे में ज्यादा सोचने के बजाय चीजों को सरल रखने पर ध्यान देगी। उन्होंने कहा, 'चीजों को आसान रखना बेहतर है, ताकि आप ज्यादा न सोचें। हमें पता है कि हालात आसान नहीं होंगे, खासकर जब सामने वाली टीम के पास अच्छे स्पिनर्स हों। आप यह नहीं सोचते कि दो दिन बाद क्या होगा। बस शांत रहते हैं, अपने शॉट खेलते हैं, उस पल में रहते हैं और अहम पलों का आनंद लेते हैं।' भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई। अब उसकी नजरें पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में स्वर्ण पदक जीतने पर हैं।
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