दिल्ली के पास बंगलोर के खिलाफ आईपीएल-6 में पहली जीत का अहम मौका था।
एक महत्वपूर्ण मैच में एक बड़े खिलाड़ी (सहवाग) को मोर्चे पर न उतारकर दिल्ली ने यह मौका भी गवां दिया।
मंगलवार को बंगलुरू में दिल्ली को सुपर ओवर में बंगलोर के खिलाफ 16 रनों का लक्ष्य मिला।
सुपर ओवर में दिल्ली डेयर डेविल्स का वीरेंद्र सहवाग पर विश्वास न करना एक तात्कालिक फैसला हो सकता है लेकिन इसके दूरगामी परिणाम दिखाई दे रहे हैं।
आईपीएल के छठें सीजन में दिल्ली की टीम 5 मैचों बाद भी जीत से दूर है।
पांचवें मैच में दिल्ली की टीम ने अपने हार का क्रम तोड़ने का खूब प्रयास किया। मैच सुपर ओवर तक गया लेकिन वहां भी उन्हें हार मिली।
सुपर ओवर में दिल्ली को जीत के लिए 16 रन बनाने थे।
दिल्ली ने डेविड वार्नर और रोहेर को भेजा। पहली गेंद पर वार्नर के आउट होने के बाद भी सहवाग को न उतारना गंभीर विषय था।
टीम इंडिया से बाहर होने के बाद आईपीएल टीम का उनके प्रति यह रवैया उनके आईपीएल कैरियर पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।
पहले टीम की कप्तानी फिर सीनियर खिलाड़ी होने के बावजूद नाजुक मौकों पर टीम का उन पर विश्वास न करना सहवाग के लिए चिंता का विषय है।
हालांकि विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग का आईपीएल में पहले 3 मैचों में बाहर होने के बाद वापसी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा।
सहवाग ने अब तक इस सीजन की पहली पारी में हैदराबाद के खिलाफ 12 और दूसरी पारी में आरसीबी के खिलाफ 25 रन बनाए हैं।