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Pakistan Cricket: युवा खिलाड़ियों की प्राथमिकता में क्रिकेट से ज्यादा पैसा, इकबाल कासिम ने उठाए सवाल

Wed, 12 Aug 2026 11:49 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पूर्व पाकिस्तानी टेस्ट स्पिनर इकबाल कासिम ने युवा क्रिकेटरों पर पैसे और लीग कॉन्ट्रैक्ट के पीछे भागने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे स्किल और गेम अवेयरनेस सुधारने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने चयन प्रक्रिया में विजन की कमी और अधिकार क्षेत्र में दखल को भी पाकिस्तान क्रिकेट की बड़ी समस्याओं में शामिल बताया।
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क्रिकेट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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पाकिस्तान के पूर्व टेस्ट स्पिनर और मुख्य चयनकर्ता रह चुके इकबाल कासिम ने मौजूदा दौर के युवा क्रिकेटरों पर निशाना साधते हुए कहा है कि अधिकांश खिलाड़ी अपने खेल कौशल और गेम अवेयरनेस में सुधार करने के बजाय पैसे कमाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने मौजूदा चयनकर्ताओं के फैसलों में भी दूरदर्शिता की कमी पर सवाल उठाए।
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क्या बोले इकबाल कासिम?
कासिम ने कहा कि उनके दौर में चयन समिति के सदस्य बिना वेतन या फीस के काम करते थे, लेकिन आज चयनकर्ताओं को अच्छी-खासी रकम मिलने के बावजूद फैसलों में स्पष्ट विजन नजर नहीं आता। उन्होंने कहा, 'मैं कई बार मुख्य चयनकर्ता और चयन समिति का सदस्य रहा हूं। उस समय हम बिना किसी वेतन या फीस के काम करते थे। आज चयनकर्ताओं को अच्छी तनख्वाह मिलती है, लेकिन फैसले लेते समय मुझे विजन की कमी दिखाई देती है।'

पीएसएल को ही सफलता का पैमाना मान रहे खिलाड़ी
कासिम के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों के बीच एक गंभीर समस्या देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि युवा खिलाड़ी अपने कौशल, फिटनेस और खेल को समझने की क्षमता विकसित करने के लिए पर्याप्त मेहनत नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि क्रिकेट में बढ़ते पैसों ने खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से मजबूत जरूर बनाया है, लेकिन इसका एक नकारात्मक असर भी पड़ा है। अब कई युवा खिलाड़ी पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में खेलना ही सफल करियर की सबसे बड़ी कसौटी मानने लगे हैं। कासिम ने कहा, 'सफलता का फॉर्मूला आज भी यही है कि एक खिलाड़ी अपने कौशल और गेम को पढ़ने की क्षमता में सुधार के लिए कितना समय देने को तैयार है। दुर्भाग्य से पाकिस्तान क्रिकेट में ऐसा अब अक्सर देखने को नहीं मिलता।'

कोच और डेटा पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता
पूर्व टेस्ट स्पिनर ने कहा कि युवा खिलाड़ियों में कोच, सहायक स्टाफ और डेटा पर जरूरत से ज्यादा निर्भर रहने की प्रवृत्ति बढ़ी है। उनके मुताबिक खिलाड़ियों को खुद भी अपने खेल पर काम करने और परिस्थितियों को समझने के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए।

कासिम ने कहा कि पुराने दौर के महान खिलाड़ियों में एक बात समान थी वे लगातार अपने खेल, फिटनेस और परिस्थितियों को पढ़ने की क्षमता पर खुद काम करते थे। उन्होंने कहा, 'आजकल ज्यादातर खिलाड़ी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने और लीग से पैसा कमाने पर ज्यादा ध्यान देते हैं। मेरा हमेशा मानना रहा है कि देश के लिए खेलना किसी खिलाड़ी को मिलने वाला सबसे बड़ा सम्मान है। अगर आप एक खिलाड़ी के तौर पर अपनी गुणवत्ता बेहतर करते हैं, तो पैसा अपने आप आएगा। उसके पीछे भागने की जरूरत नहीं है।'

बंगलूरू टेस्ट की जीत का सुनाया किस्सा
कासिम ने 1987 में बंगलूरू में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की यादगार टेस्ट जीत से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि मैच के दौरान भारतीय दिग्गज स्पिनर और पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी से हुई बातचीत ने उन्हें गेंदबाजी की रणनीति समझने में मदद की।

कासिम के मुताबिक, विश्राम के दिन बेदी अपने शिष्य मनिंदर सिंह की गेंदबाजी से खुश नहीं थे। उन्होंने कहा था कि जिस पिच पर काफी टर्न मिल रहा हो, वहां गेंद को जरूरत से ज्यादा टर्न कराने की कोशिश बल्लेबाज को आउट करने के बजाय उसके लिए फायदेमंद हो सकती है। कासिम ने बताया कि बेदी की सलाह को उन्होंने भारतीय पारी के दौरान अपनाया और सही जगह पर गेंदबाजी करते हुए पाकिस्तान को मैच जिताने में अहम भूमिका निभाई।

चयन में दखल को बताया बड़ी समस्या
  • कासिम ने पाकिस्तान क्रिकेट में प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप को भी बड़ी समस्या बताया। उन्होंने 2009-10 में अबू धाबी, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के विवादित दौरों के बाद मुख्य चयनकर्ता के पद से इस्तीफा देने का भी जिक्र किया।
  • उन्होंने बताया कि एक बार तत्कालीन चेयरमैन जका अशरफ ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए शाहिद अफरीदी को टीम में शामिल नहीं करने का अनुरोध किया था। कप्तान मिस्बाह-उल-हक भी अफरीदी को टीम में नहीं चाहते थे।
  • कासिम ने कहा कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि 16 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन करना चयनकर्ताओं का काम है, जबकि अंतिम 11 खिलाड़ियों को मैदान पर उतारना कप्तान का अधिकार है। उन्होंने अफरीदी को टीम से बाहर करने से इनकार कर दिया।
  • कासिम के मुताबिक, मिस्बाह ने कहा था कि वह अफरीदी को नहीं खिलाएंगे, लेकिन अंततः उन्हें मैदान पर उतारना पड़ा और अफरीदी ने दौरे के अपने पहले ही मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए कई विकेट हासिल किए।
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'अधिकार क्षेत्र में दखल से पैदा होता है विवाद'
कासिम ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा समस्याओं में से एक यह भी है कि जिन लोगों के पास अधिकार हैं, वे अक्सर दूसरे लोगों के काम में हस्तक्षेप करते हैं। इससे जिम्मेदारियों को लेकर भ्रम पैदा होता है और विवाद बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि क्रिकेट व्यवस्था में हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी और अधिकार क्षेत्र के भीतर काम करना चाहिए। तभी चयन प्रक्रिया और टीम प्रबंधन में स्पष्टता आ सकती है।
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