यह एक संयोग ही था कि तीन प्रतिभाशाली क्रिकेटरों पर स्पॉट फिक्सिंग को लेकर लगाया गया एक साल का प्रतिबंध बुधवार को खत्म हुआ।
गोवा के ऑफ स्पिनर अमित यादव, मध्य प्रदेश के बल्लेबाज मोहनीश मिश्रा व हिमाचल प्रदेश के आलराउंडर अभिनव बाली पर लगे प्रतिबंध का काला अध्याय जहां समाप्त हो रहा था वहीं कुछ ही घंटे बाद स्पॉट फिक्सिंग के नए काले कारनामे का खुलासा होने जा रहा था।
यह सच्चाई है कि बीते वर्ष एक स्टिंग आपरेशन में स्पॉट फिक्सिंग करते हुए पकड़े गए इन खिलाड़ियों पर बीसीसीआई ने एक साल का प्रतिबंध लगाया था।
हालांकि मध्य प्रदेश के गेंदबाज टीपी सुधींद्र पर आजीवन व यूपी के खब्बू गेंदबाज शलभ श्रीवास्तव पर पांच साल का प्रतिबंध लगाया गया था।
लेकिन बोर्ड अधिकारियों ने यह सपने में भी नहीं सोचा होगा कि प्रतिबंध की अवधि खत्म होते ही उन्हें श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण के रूप में फिक्सिंग के एक नए मामले से रूबरू होना पड़ेगा।