संचालन परिषद की बैठक में बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया जा रहा है, लेकिन सभी सदस्यों को आमंत्रित किए जाने में कोताही बरती जा रही है। सूत्र बताते हैं कि ऐसा पहली बार नहीं है। यही कारण है कि रविवार को हुई परिषद की बैठक में एक सदस्य ने इस मुद्दे को उठा दिया। उनकी ओर से कहा गया है कि फ्रेंचाइजियों के साथ अगर संचालन परिषद की बैठक होती है तो सभी सदस्यों को बुलाया जाए।
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इस बात का परिषद के एक सदस्य ने समर्थन किया। कहा गया कि परिषद की प्रत्येक बैठक में किसी भी सदस्य को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। दरअसल सदस्य ने पिछले अनुभवोंं को ध्यान में रखते हुए मुद्दा उठाया। बैठक में इस पर अमल करने की बात कही गई, लेकिन तीन दिन बाद ही इसकी फिर अनदेखी कर दी गई। बताया जाता है कि संचालन परिषद के कुछ सदस्यों ने बुधवार को यूएई में होने वाले आईपीएल की राह में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए बैठक की, लेकिन इसमें अहम पदाधिकारी ही शामिल हुए।
परिषद के एक सदस्य का कहना है कि बैठक में सभी सदस्यों को बुलाया जाना अनिवार्य है। वरना यह जस्टिस लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों का उल्लंखन होने के साथ सुप्रीम कोर्ट की अवमानना भी होगी। परिषद के चेयरमैन बृजेश पटेल हैं। जय शाह, अरुण धूमल बोर्ड सदस्य के रूप में परिषद में शामिल हैं। खैरुल जमाल मजूमदार उत्तर पूर्वी राज्यों के सदस्य और सुरेंद्र खन्ना इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन के सदस्य के रूप में परिषद में हैं। अल्का रेहानी भारद्वाज सीएजी सदस्य हैं, जबकि हेमांग अमीन आईपीएल और बोर्ड के अंतरिम सीईओ होने के नाते शामिल होते हैं।
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