प्रशासकों की समिति (सीओए) की सदस्य डायना एडुल्जी ने गुरुवार को कहा कि वह IPL की विजेता ट्रॉफी को इसलिए सौंपना चाहती थी क्योंकि उन्हें लगा कि बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सी के खन्ना ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिल्ली में वनडे मैच के दौरान पुरस्कार न देकर ‘प्रोटोकॉल का अनादर’ किया।
एडुल्जी IPL चैंपियन टीम को ट्रॉफी सौंपना चाहती थी लेकिन सीओए के उनके साथी लेफ्टिनेंट जनरल रवि थोडगे ने उनकी बात नहीं मानी। थोडगे का मानना था कि अध्यक्ष द्वारा ट्रॉफी सौंपे जाने की परंपरा का निर्वाह किया जाना चाहिए। आखिर में खन्ना ने ही ट्रॉफी सौंपी।
एडुल्जी ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, सीओए की आठ अप्रैल को हुई बैठक में इस मसले पर चर्चा हुई थी। चर्चा के दौरान मैंने जिक्र किया कि कार्यवाहक अध्यक्ष (सीके खन्ना) ने दिल्ली में द्विपक्षीय मैच के दौरान ट्रॉफी सौंपने केअपने अधिकार का इस्तेमाल नहीं किया था।
उन्होंने कहा कि उन्होंने (खन्ना) प्रोटोकॉल का अनादर किया तथा राज्य संघ के एक पदाधिकारी को ट्रॉफी देने की अनुमति दी गई और इसलिए आईपीएल फाइनल में सीओए सदस्यों को ट्राफी सौंपनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि कार्यवाहक अध्यक्ष ने बीसीसीआई अध्यक्ष पद का अपमान किया।