आखिरकार लगातार 59 मैच खेल खेलने के बाद अब वो घड़ी आ गई है जब फाइनल मुकाबले से आईपीएल को एक नया चैंपियन मिलेगा। आज 'सुपर संडे' में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और सनराइजर्स हैदराबाद की टीमें आमने-सामने होंगी और जंग कोई भी जीते, एक नया चैंपियन मिलना तय है।
दोनों टीमों के कप्तानों ने क्रमशः विराट कोहली ने आरसीबी और डेविड वॉर्नर ने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए आईपीएल-9 में बतौर कप्तान और सलामी बल्लेबाज नायाब प्रदर्शन कर अपनी-अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाने में अहम रोल अदा किया है।
कोहली (16 मैच, 919 रन) मौजूदा आईपीएल में रन सबसे बनाने में सबसे आगे चल रहे हैं तो डेविड वॉर्नर (16 मैच, 779 रन) भी कम नहीं हैं और दूसरे नंबर पर चल रहे है। अब तक इस बार लीग में आरसीबी और हैदराबाद के बीच जो दो मैच हुए उनमें दोनों टीम ने एक-एक मैच जीता है। एक संयोग है कि दोनों टीमों ने एक दूसरे के खिलाफ अपने-अपने घर में ही जीत दर्ज की।
कोहली और वॉर्नर का अब रविवार को बेंगलुरु में दुनिया की इस सबसे महंगे क्रिकेट लीग के फाइनल में असल इम्तिहान होगा। कोहली आरसीबी तो वॉर्नर हैदराबाद की नैया के खेवनहार हो सकते हैं। इन दोनों की कप्तानी के साथ बल्ले से भी प्रदर्शन इस फाइनल के नतीजे में निर्णायक रहने वाला है। कोहली इस सीजन कुल रन बनाने में वॉर्नर से आगे हैं।
हैदराबाद और आरसीबी के बीच दोनों लीग मैचों में वॉर्नर ने अर्धशतक जमाए हैं जबकि विराट केवल अपने घर बंगलुरू में फिफ्टी जमा पाए हैं। हैदराबाद के लिए वॉर्नर ने आरसीबी के खिलाफ दो लीग मैचों में कुल 150 रन बनाए हैं। जबकि कोहली आरसीबी के लिए हैदराबाद के खिलाफ दो लीग मैचों में मात्र 89 रन ही बना सके हैं।
बल्लेबाजी ही नहीं गेंदबाजी में भी होगी कांटे की टक्कर
कप्तान विराट कोहली इस आईपीएल में एक हजार रन पूरे करने से मात्र 81 रन दूर हैं। ऐसे में वह ये बाकी रन बनाकर इस मुकाम तक पहुंच कर आरसीबी को इस बार खिताब जितवाने में कोई कसर नहीं छोडना चाहेंगे। वॉर्नर पर फाइनल में विराट कोहली के मुकाबले दबाव ज्यादा होगा।
आरसीबी की टीम में बतौर पेसर शेन वॉटसन और लेग स्पिनर यजुवेंद्र चहल और लेफ्ट आर्म स्पिनर इकबाल अब्दुल्ला की मौजूदगी में हैदराबाद के वॉर्नर को एक बार फिर जोश के साथ वैसी ही होश दिखाने होगी जैसे उन्होंने दिल्ली में गुजरात लॉयंस के खिलाफ क्वालीफायर 2 में दिखाई थी।
आरसीबी के शीर्षक्रम में एबी डीविलियर्स, क्रिस गेल और लोकेश राहुल की मौजूदगी कोहली को ज्यादा खुल कर खेलने का मौका देती है। लीग के सबसे कामयाब गेंदबाज हैदराबाद के भुवनेश्वर कुमार (16 मैच, 23 विकेट) पर खुद बेहतरीन गेंदबाजी करने के साथ पेसर बरिंदर सरां, बेन कटिंग, मोजेज हेनरिक्स को भी रफ्तार के साथ धार दिखाने को प्रेरित कर आरसीबी के शीर्ष क्रम को सस्ते में समेटने की जिम्मेदारी होगी।
कोहली और वॉर्नर दोनों लक्ष्य का पीछा करने में माहिर हैं। आरसीबी ने विराट के सलामी जोड़ीदार के रूप में गेल और केएल राहुल को अब तक आजमाया है। वॉर्नर के इस पूरे आईपीएल में सलामी जोड़ीदार शिखर धवन ही रहे है और इन दोनों की जोड़ी खासी कामयाब रही है।
कोहली और वॉर्नर में सबसे बड़ी समानता है कि दोनों को मैच के मिजाज खुद को ढाल अपनी और टीम की पारी को रफ्तार देना खूब आता है। दोनों मिजाज से आक्रामक बल्लेबाज होने के साथ तकनीकी रूप से दक्ष होने के कारण पिच की उछाल, स्विंग और टर्न के मुताबिक गियर बदल कर खेलने में माहिर हैं। नाजुक वक्त पर खुद पर संयम रख कर खेलने के मामले में वॉर्नर जरूर विराट से बेहतर हैं।