चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़
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आईपीएल 2026 से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने भीड़ प्रबंधन और फैन सेफ्टी को लेकर बड़ा कदम उठाया है। टीम ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में 300 से 350 एआई (AI) सक्षम कैमरे लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह फैसला पिछले साल आरसीबी की जीत के बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ जैसी स्थिति और अव्यवस्था से सबक लेते हुए लिया गया है, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे।
आरसीबी ने भेजा KSCA को प्रस्ताव
- आरसीबी ने इस संबंध में कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) को औपचारिक प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव के मुताबिक, ये अत्याधुनिक एआई कैमरे स्टेडियम के अंदर और बाहर भीड़ की आवाजाही पर नजर रखेंगे, कतारों में अनुशासन बनाए रखने में मदद करेंगे और अनधिकृत प्रवेश को रियल-टाइम में ट्रैक कर सकेंगे। इससे कानून-व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों को भीड़ नियंत्रण में काफी मदद मिलेगी।
- यह एआई-आधारित निगरानी प्रणाली वीडियो, ऑडियो और टेक्स्ट डेटा का विश्लेषण कर किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाने में सक्षम होगी। हिंसा, घुसपैठ, अनधिकृत प्रवेश या किसी आपात स्थिति की शुरुआती पहचान होते ही सुरक्षा एजेंसियां तुरंत कार्रवाई कर सकेंगी, जिससे बड़े हादसों को रोका जा सकेगा।
टीम खर्च करेगी 4.5 करोड़ रुपये
आरसीबी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस पूरी परियोजना का एकमुश्त खर्च टीम खुद वहन करेगी, जिसकी अनुमानित लागत करीब 4.5 करोड़ रुपये है। इसके लिए आरसीबी ने टेक्नोलॉजी कंपनी Staqu के साथ साझेदारी की है, जो पहले भी कई राज्य पुलिस बलों के साथ मिलकर सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुकी है। Staqu की फेशियल रिकग्निशन तकनीक और भीड़, परिधि, वाहनों व वस्तुओं की इंटेलिजेंट मॉनिटरिंग सिस्टम को काफी प्रभावी माना जाता है।
आरसीबी का मानना है कि इस तकनीक के एकीकरण से चिन्नास्वामी स्टेडियम में क्राउड मैनेजमेंट के मानक नए स्तर पर पहुंचेंगे और दर्शकों को एक सुरक्षित, व्यवस्थित और निर्बाध मैचडे अनुभव मिलेगा। पिछले साल जीत के जश्न के दौरान हुई अव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कदम भविष्य में किसी भी तरह के हादसे को रोकने की दिशा में अहम माना जा रहा है।