भारत में फरवरी 2026 में होने वाले टी20 विश्व कप में बांग्लादेश की भागीदारी पर सवाल उठ गए हैं। आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर द्वारा मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज किए जाने और साथ ही सुरक्षा और राजनीतिक तनाव के चलते बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड भारत यात्रा को लेकर असहज है। इसी बीच हाल ही में बर्खास्त किए गए बीसीबी के पूर्व वित्त समिति अध्यक्ष एम नजरुल इस्लाम ने दावा किया कि अगर बांग्लादेश विश्व कप से हटता है तो खिलाड़ियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मेहदी हसन का पलटवार- शर्मनाक टिप्पणी
गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मिराज ने इस बयान को गलत और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की आय क्रिकेट से ही आती है, सरकार से नहीं। मिराज ने कहा, 'हम जो पैसा कमाते हैं, वो ज्यादातर ICC और स्पॉन्सर्स से आता है। मेरे हिसाब से जिसने भी बांग्लादेश जर्सी पहनकर खेला है, उसने आज बोर्ड के पास जो फंड है, उसमें योगदान दिया है। हर व्यक्ति का इस पर हक है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'अगर मैच नहीं होंगे तो स्पॉन्सर्स नहीं आएंगे और ICC से राजस्व भी नहीं मिलेगा। यह सिर्फ व्यक्तिगत मुद्दा नहीं बल्कि पूरे क्रिकेट जगत के लिए शर्मनाक है। ऐसे बयान देना जिम्मेदार पद से बिल्कुल अनुचित है।'
टैक्स को लेकर भी रखी बात
मिराज ने खिलाड़ियों की आर्थिक जिम्मेदारियों को सामने रखते हुए कहा, 'हम लोग जो कमाते हैं, उसका लगभग 25-30 प्रतिशत टैक्स देते हैं, यानी हम सरकार को पैसा देते हैं, सरकार हमें नहीं। काफी लोगों को यह गलतफहमी है कि सरकार हमें पैसा देती है।' उन्होंने कहा कि इस गलतफहमी को दूर किया जाना चाहिए क्योंकि इससे खिलाड़ियों की छवि प्रभावित होती है।
बांग्लादेश की विश्व कप शेड्यूल
बांग्लादेश की टीम सात फरवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डेन्स में अपने अभियान की शुरुआत करेगा। इसके बाद टीम नौ फरवरी को इटली से इसी मैदान पर खेलेगी। 14 फरवरी को बांग्लादेश का सामना इंग्लैंड से ईडन गार्डेन्स में ही होगा। फिर 17 फरवरी को टीम नेपाल से मुंबई के वानखेडे़ में भिड़ेगी। हालांकि, भागीदारी के मसले पर बोर्ड अभी भी आधिकारिक निर्णय नहीं ले पाया है।