सार
बीसीसीआई ने आईपीएल में अनुशासन और सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ाते हुए कथित वेपिंग विवाद के बाद अर्शदीप सिंह को व्लॉगिंग बंद करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, युजवेंद्र चहल का कथित वेपिंग वीडियो वायरल होने के बाद बोर्ड ने खिलाड़ियों की गतिविधियों और कंटेंट पर निगरानी बढ़ा दी है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आईपीएल 2026 के दौरान खिलाड़ियों और फ्रेंचाइजियों के लिए सख्त परिचालन एवं सुरक्षा दिशानिर्देश लागू करने शुरू कर दिए हैं। इसी बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बोर्ड ने पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को व्लॉगिंग बंद करने के निर्देश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कदम कथित तौर पर युजवेंद्र चहल से जुड़े वेपिंग विवाद के बाद उठाया गया है।
ट्रैवल व्लॉग से उठा विवाद
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अर्शदीप सिंह के एक ट्रैवल व्लॉग में चहल टीम की फ्लाइट के दौरान कथित तौर पर वेपिंग करते हुए दिखाई दिए थे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए क्लिप्स में चहल अपनी बाईं हथेली के नीचे कुछ छिपाते नजर आए, जिसके बाद धुएं का एक छोटा गुबार भी दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि अर्शदीप के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए मूल वीडियो में यह पूरा दृश्य मौजूद था, जिसे बाद में एडिट कर हटा दिया गया। हालांकि, तब तक वीडियो के कई क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके थे। फिलहाल इस मामले पर न तो बीसीसीआई और न ही पंजाब किंग्स की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
रियान पराग
- फोटो : IPL/BCCI/ANI
आईपीएल में वेपिंग से जुड़ा दूसरा मामला
आईपीएल के मौजूदा सीजन में वेपिंग से जुड़ा यह दूसरा विवाद है। इससे पहले रियान पराग पर न्यू चंडीगढ़ में पंजाब किंग्स के खिलाफ मुकाबले के दौरान ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करने का आरोप लगा था। भारत में वेपिंग प्रतिबंधित है। ऐसे में रियान पराग पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया था। साथ ही आईपीएल आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन के तहत उन्हें एक डिमेरिट पॉइंट भी दिया गया था।
बीसीसीआई ने जारी की नई सख्त गाइडलाइन
इसी बीच बीसीसीआई ने सभी 10 आईपीएल फ्रेंचाइजियों को आठ पन्नों की नई गाइडलाइन भेजी है। इसमें एंटी-करप्शन यूनिट (एसीएसयू) की चिंताओं का हवाला देते हुए सुरक्षा और अनुशासन को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के तहत खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और फ्रेंचाइजी गतिविधियों पर अब पहले से ज्यादा सख्त निगरानी रखी जाएगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि आईपीएल की इंटीग्रिटी और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सरप्राइज चेक समेत कई कड़े नियम लागू किए जाएंगे। बीसीसीआई का मानना है कि खिलाड़ियों को सार्वजनिक और निजी गतिविधियों में अधिक जिम्मेदारी दिखानी होगी ताकि लीग की छवि प्रभावित न हो।