आईपीएल 2025 की शुरुआत में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है। स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल 22 मार्च से शुरू होने वाले टूर्नामेंट में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते नजर आएंगे। वह पिछले सत्र में लखनऊ की कमान संभाल रहे थे। हालांकि, फ्रेंचाइजी ने उन्हें मेगा नीलामी से पहले रिलीज कर दिया था। इसके बाद दिल्ली ने उन्हें 14 करोड़ रुपये में खरीदा। आगामी सत्र के लिए दिल्ली को नए कप्तान का एलान करना है। इस दौड़ में केएल राहुल का नाम सबसे आगे है। अब उन्होंने इस पर खुलकर बात की है।
कप्तानी को लेकर क्या बोले राहुल?
केएल ने जियो हॉटस्टार से बात करते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी खिलाड़ी के जीवन को पूरी तरह बदल देती है। उन्होंने कहा- पिछले तीन सत्र से कप्तान होने के नाते मैं टीम बनाने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल रहा हूं। मैं समझता हूं कि टीम बनाते समय फ्रेंचाइजी किस तरह के दबाव का सामना करती हैं। लेकिन एक खिलाड़ी के नजरिए से यह और भी कठिन है क्योंकि आपका करियर दांव पर लगा होता है।
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लखनऊ से रिलीज किए जाने के बाद कैसा था राहुल का अनुभव?
आईपीएल 2025 के लिए पिछले साल हुई मेगा नीलामी से पहले लखनऊ सुपर जाएंट्स ने कप्तान केएल राहुल को रिलीज कर दिया था। उनकी टीम पिछले टूर्नामेंट में कुछ खास कमाल नहीं कर पाई थी। अब स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि नीलामी से पहले उन्हें कैसा लग रहा था।
केएल ने कहा- नीलामी खिलाड़ी के भविष्य को आकार दे सकती है या चुनौतियां पेश कर सकती है। मैं निश्चित रूप से पिछली नीलामी के दौरान नर्वस और चिंतित था। लेकिन साथ ही मैं जानता था कि यह मेरे करियर के लिए सही कदम था। थोड़ा उत्साह भी था, हालांकि ज्यादा लंबा नहीं रहा क्योंकि वास्तविकता जल्दी पता चल जाती है।
बल्लेबाजी क्रम में बदलाव को लेकर भी बोले राहुल
इस दौरान केएल राहुल ने अपने बल्लेबाजी क्रम में हुए बदलाव पर भी बात की। वह आमतौर पर पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी में उन्हें एक स्थान नीचे धकेल दिया गया था। उन्होंने दुबई में पांच पारियों में 174 रन बनाए। इस नई चुनौती के लिए उनकी तैयारी और अपने खेल पर काम करते रहने के समर्पण से राहुल सफल रहे।
उन्होंने कहा- मैं शीर्ष क्रम में खेलते हुए बड़ा हुआ हूं। 11 साल की उम्र में मेंगलोर में अपने पहले प्रतिस्पर्धी मैच से लेकर भारत के लिए खेलने के शुरुआती दिनों तक और अपने करियर के अधिकांश समय तक मैं शीर्ष क्रम का बल्लेबाज रहा हूं। यह वह स्थान है जिसमें मैं सबसे अधिक सहज हूं और जो मुझे सबसे अधिक स्वाभाविक लगता है। जब आप टीम खेल खेलते हैं तो आपको हमेशा यह चुनने का मौका नहीं मिलता कि आप क्या चाहते हैं। आपको लचीला होना चाहिए और टीम की जरूरतों के हिसाब से खुद को ढालने के लिए तैयार रहना चाहिए। पिछले कुछ वर्षों में मैंने इसे अपनाना और जो भी भूमिका मुझे सौंपी जाती है, उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ देना सीखा है।