'यह मतलब नहीं कि हर मैच मे रन बनाने होंगे'
केकेआर ने मेगा नीलामी में राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल करके वेंकटेश को फिर से अपनी टीम से जोड़ा था, लेकिन वह पहले दो मैच में केवल नौ रन बना पाए थे। अब 60 रन की पारी खेलने के बाद वेंकटेश ने कहा, 'मैं झूठ नहीं बोलूंगा, थोड़ा दबाव है। आप लोग इसको लेकर इतनी चर्चा कर रहे हैं, लेकिन (केकेआर में) सबसे अधिक धनराशि पाने वाला खिलाड़ी होने का मतलब यह नहीं है कि मुझे हर मैच में रन बनाने होंगे।'
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'कभी-कभी मुश्किल परिस्थितियों का भी सामना करना होगा'
वेंकटेश ने कहा, 'कभी-कभी हमें मुश्किल परिस्थितियों का भी सामना करना होगा जहां मेरा काम कुछ ओवर खेलना होगा और अगर मैं ऐसा करता हूं और रन नहीं बनाता हूं, तो भी मैंने अपनी टीम के लिए योगदान दिय।' कोलकाता के बल्लेबाज पहले दो मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। उनमें आक्रामकता का अभाव दिखा लेकिन वेंकटेश ने कहा कि उनकी टीम सोची समझी आक्रामकता पर विश्वास करती है।'
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'आक्रामकता का मतलब हर गेंद पर छक्के लगाना नहीं'
उन्होंने कहा, 'आक्रामकता का मूल अर्थ सकारात्मक इरादे दिखाना है। यह सकारात्मक लेकिन सही इरादे दिखाने से जुड़ा है। आक्रामकता का मतलब हर गेंद पर छक्के लगाना नहीं है।' मेजबान टीम कोलकाता ने छह विकेट पर 200 रन बनाए थे। जवाब में सनराइजर्स की टीम 16.4 ओवर में 120 रन पर आउट हो गई।