16 अंक आम तौर पर प्लेऑफ के लिए डायरेक्ट क्वालिफिकेशन सुनिश्चित करता है, लेकिन अभी तक राजस्थान की टीम क्वालिफाई नहीं कर सकी है। एक और जीत से आरआर की टीम जरूर प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई कर जाएगी। हालांकि, अब तक ऐसा इसलिए नहीं हुआ है क्योंकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु समेत सभी टीमें अभी भी क्वालिफिकेशन के दौड़ में हैं। राजस्थान की टीम 16 अंक प्राप्त कर चुकी है और आरसीबी को छोड़कर बाकी टीमें अभी भी 16 अंक प्राप्त कर सकती हैं। ऐसे में राजस्थान के आगे क्वालिफाई नहीं लिखा गया है।
हार्दिक, डेविड और पोलार्ड
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मुंबई इंडियंस और पंजाब किंग्स के लिए अब यहां से सभी मुकाबले करो या मरो वाले हैं। उन्हें अपने बाकी बचे पांच मैचों में से पांचों में जीत दर्ज करनी होगी। दोनों के पास नौ मैचों के बाद छह-छह अंक हैं। पांच जीत से वह 16 अंक तक पहुंच पाएंगे। वहीं, गुजरात टाइटंस एक से ज्यादा मैच गंवाने का रिस्क नहीं उठा सकती है। उसके नौ मैचों में चार जीत और पांच हार के साथ आठ अंक हैं। 16 अंक तक पहुंचने के लिए उन्हें कम से कम चार मैच जीतने होंगे।
चेन्नई सुपर किंग्स के आठ मैचों में चार जीत और चार हार के साथ आठ अंक हैं। टीम दो से ज्यादा मैच हारने का रिस्क नहीं उठा सकती। यानी उसे बाकी बचे छह में से कम से कम चार मैच जीतने होंगे। दिल्ली कैपिटल्स ने शनिवार को मुंबई को हरा दिया। उसके 10 मैचों के बाद पांच जीत और पांच हार के साथ 10 अंक हैं। टीम को अगले चार में से कम से कम तीन मैच जीतने हैं। दिल्ली सिर्फ एक और मैच गंवाने का रिस्क उठा सकती है।
कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद फिलहाल मजबूत स्थिति में हैं। इन दोनों ने आठ-आठ मैच खेले हैं और उनके 10-10 अंक हैं। अपने बचे छह-छह मैचों में से इन्हें कम से कम तीन मैच जीतने हैं। हालांकि, यह तय है कि राजस्थान को छोड़कर बाकी टीमों के बीच नेट रन रेट की जंग देखने को मिल सकती है। आखिर में नेट रन रेट निर्णायक साबित हो सकता है और उसी के आधार पर प्लेऑफ की बाकी तीन टीमें तय हो सकती हैं। जैसे जैसे आईपीएल अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच रहा है, प्लेऑफ के लिए जंग और भी दिलचस्प होती जा रही है।