रिकी पोंटिंग और हार्दिक पांड्या
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पूर्व दिग्गज बल्लेबाज रिकी पोंटिंग का मानना है कि भारत को लंदन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल के लिए हार्दिक पांड्या को अपनी टीम में शामिल करना चाहिए था। पोटिंग को लगता है कि यह ऑलराउंडर इस मुकाबले में निर्णायक भूमिका निभा सकता था। पांड्या ने 2018 के बाद से कोई टेस्ट नहीं खेला है और उन्होंने फिटनेस संबंधी चिंताओं के कारण पांच दिवसीय प्रारूप में नहीं खेलने का फैसला किया है।
पोंटिंग को हालांकि लगता है कि पांड्या सात से 11 जून तक द ओवल में होने वाले खिताबी मुकाबले में अहम भूमिका निभा सकते थे। मुख्य रूप से इसलिए क्योंकि उन्होंने हाल ही में समाप्त हुए आईपीएल में गुजरात टाइटंस के लिए लगभग प्रत्येक मैच में गेंदबाजी की। पांड्या टाइटंस के कप्तान हैं।
टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में अहम हो सकते थे हार्दिक
पोंटिंग ने आईसीसी रिव्यू के लिए लिखा, ‘मैंने सोचा कि भारत के लिए इस एकमात्र टेस्ट मैच में हार्दिक पांड्या जैसा कोई खिलाड़ी कितना अहम हो सकता था। मुझे पता है कि वह आधिकारिक तौर पर कह चुके हैं कि टेस्ट मैच में खेलना शायद उसके शरीर के लिए थोड़ा कड़ा है। लेकिन सिर्फ एक मैच के लिए। वह आईपीएल में प्रत्येक मैच में गेंदबाजी कर रहे थे और तेज गेंदबाजी कर रहे थे।’
'रुख बदलने वाले खिलाड़ी हो सकते थे'
पोंटिंग ने कहा कि पांड्या सात से 11 जून तक होने वाले डब्ल्यूटीसी फाइनल में भारतीय टीम के लिए मैच का रुख बदलने वाले खिलाड़ी हो सकते थे। उन्होंने कहा, ‘वह एक्स फेक्टर हो सकते थे। उन्हें एकमात्र मैच के लिए चुना जाता, फिर देखते कि वह बल्ले और गेंद से क्या कर सकता है। वह दोनों टीम के बीच का अंतर हो सकता था।’