सनराइजर्स हैदराबाद को अपने होमग्राउंड राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शनिवार (13 मई) को लखनऊ सुपरजाइंट्स के खिलाफ सात विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज हेनरिच क्लासेन पर बड़ा जुर्माना लगा। क्लासेन पर आईपीएल की आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया।
दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज क्लासेन ने 29 गेंदों में 47 रन बनाए। उनकी मदद से हैदराबाद ने 20 ओवर में छह विकेट पर 182 रन बनाए। जवाब में लखनऊ सुपर जाएंट्स ने 19.2 ओवर में तीन विकेट पर 185 रन बनाकर मैच को अपने नाम कर लिया। उन्होंने मैच के दौरान लेग अंपायर से बहस की। वहीं, पारी समाप्त होने के बाद ब्रॉडकास्टर से बातचीत के दौरान दर्शकों की आलोचना की।
आईपीएल ने एक बयान में कहा, "क्लासेन ने आर्टिकल 2.7 के तहत लेवल 1 के अपराध को स्वीकार किया है, जो आईपीएल की आचार संहिता में सार्वजनिक आलोचना/अनुचित टिप्पणी के इस्तेमाल को बताता है।"
यह है क्लासेन का पूरा मामला
दरअसल, मैच के 19वें ओवर की तीसरी गेंद के बाद सारा विवाद शुरू हुआ। आवेश की फुलटॉस गेंद पर अब्दुल समद ने एक रन लिया। यह बल्लेबाज के लिए एक खतरनाक गेंद थी। अंपायर ने नो-बॉल करार दिया। लखनऊ के कप्तान क्रुणाल पांड्या ने इस नो-बॉल के खिलाफ रिव्यू लिया। फिर थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर के फैसले को बदल लिया। उन्होंने नो-बॉल नहीं दिया। अब्दुल समद इससे खुश नहीं थे। उन्होंने लेग अंपायर से इसकी शिकायत की। क्लासेन भी अंपायर से बहस करते नजर आए।
आवेश खान ने चौथी गेंद पर हेनरिच क्लासेन को एक भी रन नहीं बनाने दिया। इसी बीच, यह देखा गया कि मैदानी अंपायर लखनऊ के डगआउट के करीब पहुंच गए हैं और वह सपोर्ट स्टाफ से बात कर रहे थे। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के स्पिन कोच मुथैया मुरलीधरन से बात की। इसके बाद सोशल मीडिया कई वीडियो और फोटो वायरल हुए। एक फोटो में अंपायर मुरलीधरन को नट बोल्ट दिखा रहे हैं। क्लासेन ने दर्शकों के इस रवैये की आलोचना की, जिस कारण उनके ऊपर जुर्माना लगाया गया।
अमित मिश्रा ने की यह गलती
लखनऊ सुपर जाएंट्स के अनुभवी भारतीय स्पिनर अमित मिश्रा को भी आईपीएल की आचार संहिता के उल्लंघन के लिए फटकार लगाई गई थी। आईपीएल ने अपने बयान में कहा, ''लेग स्पिनर ने आईपीएल की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 के तहत लेवल 1 के अपराध को स्वीकार किया, जो मैच के दौरान उपकरणों के दुरुपयोग को बताता है। अमित मिश्रा ने सजा स्वीकार कर ली है। आचार संहिता के स्तर 1 के उल्लंघन के लिए मैच रेफरी का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होता है।''
दरअसल, अमित मिश्रा ने अपनी ही गेंद पर अनमोलप्रीत सिंह का कैच पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें जोश में गेंद को सामने की ओर पटक दिया। इस कारण उन्हें फटकार लगी है।