आईपीएल 2023 के लिए सभी टीमों ने तैयारी शुरू कर दी है। टीमों के खिलाड़ी अभ्यास में जुट गए हैं, लेकिन हर टीम के कप्तान और कोच के लिए प्लेइंग-11 का चुनाव करना मुश्किल होगा। अधिकतर टीमों के लिए विदेशी खिलाड़ियों का चुनाव करना मुश्किल होगा। आईपीएल के नियम के अनुसार एक टीम में अधिकतम चार विदेशी खिलाड़ी खेल सकते हैं, लेकिन कई टीमों के पास चार से ज्यादा अच्छे विदेशी खिलाड़ी हैं।
विदेशी खिलाड़ियों के चुनाव की समस्या सबसे ज्यादा कोलकाता की टीम में है। इस टीम में सुनील नरेन और आंद्रे रसेल का खेलना तय है, लेकिन इसके बाद इस टीम में शाकिब अल हसन, लॉकी फर्ग्यूसन और टिम साइदी जैसे खिलाड़ी हैं। इन तीन में से कोई दो खिलाड़ी ही खेल पाएंगे। ऐसे में टिम साउदी को टीम में जगह मिलना मुश्किल है।
हैदराबाद की टीम में विकेटकीपर का चुनाव करना मुश्किल होगा। यही समस्या दिल्ली की टीम के साथ है। हैदराबाद के पास हेनरिच क्लासेन, ग्लेन फिलिप्स और उपेंद्र यादव विकेटकीपिंग के विकल्प हैं। हालांकि, फिलिप्स और क्लासेन विदेश खिलाड़ी हैं और इनके चयन से विदेशी खिलाड़ियों के चयन में मुश्किल होगी। वहीं, फिलिप्स और क्लासेन दोनों फिनिशर नहीं हैं, जबकि इस टीम में विकेटकीपर की जगह पांचवें या छठे नंबर पर है।
दिल्ली की टीम में ऋषभ पंत के न होने से विकेटकीपर की समस्या बढ़ गई है। इस टीम में अब फिलिप सॉल्ट एकमात्र विषेशज्ञ विकेटकीपर हैं। हालांकि, सरफराज खान भी विकेटकीपिंग कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर कप्तान डेविड वॉर्नर भी यह जिम्मेदारी उठा सकते हैं, लेकिन कोई भी टीम पूरे सीजन के लिए कामचलाऊ विकेटकीपर के साथ नहीं जाना चाहेगी।
चेन्नई और मुंबई के सामने भी विदेशी खिलाड़ियों के चयन की समस्या है। चेन्नई के पास सात बेहतरीन विदेशी खिलाड़ी हैं। बेन स्टोक्स के आने के बाद इस टीम में मोईन अली की जगह पर भी तलवार अटक रही हैं। वहीं, मुंबई के पास आठ विदेशी खिलाड़ी हैं। इस टीम में कैमरून ग्रीन के आने से डेवाल्ड ब्रेविस की जगह टीम में मुश्किल हो गई है।