मैच के टर्निंग प्वाइंट
1. डुप्लेसिस का जल्दी आउट होना: पिछले दो मैचों से कोहली और बैंगलोर के कप्तान फाफ डुप्लेसिस ओपनिंग के लिए आ रहे हैं। हालांकि, पिछले मैच में कोहली जल्दी आउट हुए थे और इस मैच में डुप्लेसिस जल्दी आउट हो गए। बैंगलोर के कप्तान खाता भी नहीं खोल सके और शून्य पर आउट हुए। 11 पर बैंगलोर ने अपना पहला विकेट गंवा दिया था। इस सीजन के शुरुआती चार मैचों में बैंगलोर के लिए तीन ओपनिंग अर्धशतकीय साझेदारी हुई थी, लेकिन पिछले छह मैचों में बैंगलोर के लिए सर्वश्रेष्ठ ओपनिंग साझेदारी 14 रन की हुई है।
2. कार्तिक फिर हुए फेल: इस सीजन के शुरुआती सात मैचों में दिनेश कार्तिक छह बार नाबाद रहे थे और 210 रन बनाए थे। वहीं, पिछले तीन मैचों में उन्होंने आठ रन बनाए हैं और तीनों मैच में जल्दी आउट हो गए। कार्तिक का नहीं चल पाना बैंगलोर के लिए चिंता का विषय है।
3. सांगवान की शानदार गेंदबाजी: बाएं हाथ के तेज गेंदबाज प्रदीप सांगवान करीब तीन-चार साल बाद आईपीएल खेल रहे थे, लेकिन ऐसा लगा ही नहीं कि वह इतने लंबे समय बाद लीग खेल रहे हैं। सांगवान ने बेहतरीन गेंदबाजी की और चार ओवर में सिर्फ 19 रन देकर दो विकेट झटके।
4. साहा का फॉर्म में लौटना: गुजरात की टीम ने शुरुआती कुछ मैचों में मैथ्यू वेड को मौका दिया था, लेकिन वेड कुछ खास फॉर्म में नहीं दिखे। इसके बाद कप्तान हार्दिक पांड्या ने ऋद्धिमान साहा को प्लेइंग-11 में शामिल किया और उनका यह फैसला सही साबित हुआ। राजस्थान रॉयल्स के बाद बैंगलोर के खिलाफ भी साहा ने छोटी मगर बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने में मदद की।
5. मिलर-तेवतिया की फिनिशिंग: गुजरात के लिए जो इस सीजन सबसे बढ़िया चीज रही है, वह है राहुल तेवतिया और डेविड मिलर की शानदार फिनिशिंग स्किल्स। इन दोनों और राशिद खान ने मिलकर इस सीजन गुजरात को आखिर में कुछ बेहद ही करीबी मैच जिताए हैं। आखिरी पांच ओवर में 40 रन चाहिए हो या 60 रन, तेवतिया के साथ मिलर और राशिद ने गुजरात के लिए जीत आसान बना दी है।
गुजरात के कप्तान हार्दिक पांड्या और बैंगलोर के कप्तान फाफ डुप्लेसिस
- फोटो : IPL/BCCI
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम
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