मैच में टर्निंग पॉइंट्स:
पॉवेल को मिले तीन जीवनदान: किसी खिलाड़ी को एक जीवनदान कभी-कभी इतना महंगा होता है कि टीम को हार का सामना करना पड़ता है। अब आप अगर किसी को तीन जीवनदान देंगे तो वह निश्चित रूप से भारी पड़ेगा। यही सनराइजर्स के साथ हुआ। उसने वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज रोवमन पॉवेल को एक नहीं तीन जीवनदान दिए।
14वें ओवर की चौथी गेंद पर सीन एबॉट की गेंद पर कार्तिक त्यागी ने उनका कैच छोड़ा। तब पॉवेल 15 रन बनाकर खेल रहे थे। इसके बाद 15वें ओवर की पहली गेंद पर कप्तान केन विलियमसन ने उन्हें जीवनदान दिया। यह सबसे आसान कैच था। उमरान मलिक की गेंद को पॉवेल सही से नहीं खेल पाए। गेंद सीधे विलियमसन के हाथों में गई, लेकिन वो कैच नहीं ले पाए। इसके बाद 18वें ओवर की पांचवीं गेंद को पॉवेल ने बाउंड्री की ओर मारा। कार्तिक त्यागी गेंदबाजी कर रहे थे। बाउंड्री पर एडेन मार्कराम कैच नहीं लपक पाए। गेंद छह रनों के लिए बाउंड्री के बाहर चली गई। पॉवेल ने 35 गेंदों पर नाबाद 67 रन बना दिए।
सनराइजर्स के ओपनर्स फेल: 208 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स की टीम को एक मजबूत शुरुआत की आवश्यकता थी। अभिषेक शर्मा और केन विलियसमन बल्लेबाजी के लिए उतरे। दोनों 26 गेंदों के अंदर आउट होकर पवेलियन लौट गए। अभिषेक को खलील अहमद ने कुलदीप के हाथों कैच कराया। उन्होंने छह गेंदों पर सिर्फ सात रन बनाए। उनके बाद केन विलियनसन को एनरिच नोर्त्जे ने ऋषभ पंत के हाथों कैच करा दिया। विलियमसन ने 11 गेंदों पर चार रन ही बनाए। दो विकेट गिर जाने के बाद सनराइजर्स की टीम पटरी से उतर गई।
दोनों कप्तानों का कैसा रहा प्रदर्शन
कप्तानों में ऋषभ पंत ने इस मैच में बाजी मारी। उन्होंने 16 गेंदों पर तेजी से 26 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 162.50 का रहा। पंत ने कप्तानी भी अच्छी की। गेंदबाजों को सही तरीके से रोटेट किया और फील्ड सही से सेट किया। सनराइजर्स के विकेट लगातार गिरते रहे। पंत ने लगातार विकेट लेने पर ध्यान दिया। इसका नतीजा टीम के पक्ष में रहा। दूसरी ओर, विलियमसन ने खुद फील्डिंग खराब की। बल्लेबाजी में भी फेल रहे। 11 गेंदों पर चार रन ही बना सके। उनका स्ट्राइक रेट 36.36 का रहा।
दिल्ली कैपिटल्स के लिए मैच में क्या-क्या हुआ?
सकारात्मक पक्ष: डेविड वॉर्नर, ऋषभ पंत और रोवमन पॉवेल ने धमाकेदार बल्लेबाजी की। तीनों का स्ट्राइक रेट 150 से ज्यादा का रहा। तीनों ने मिलकर 12 छक्के लगाए। इनमें छह छक्के सिर्फ पॉवेल के थे। गेंदबाजी में खलील अहमद ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया। उन्होंने विकेट लेने के अलावा रन भी कम दिए। खलील ने चार ओवर में 30 रन देकर तीन विकेट लिए।
नकारात्मक पक्ष: ओपनिंग में मंदीप सिंह का प्रयोग फेल रहा। खाता खोले बगैर मंदीप पहले ओवर में भुवनेश्वर की गेंद पर आउट हो गए। मिचेल मार्श फिर से बड़ी पारी नहीं खेल सके। सात गेंद पर सिर्फ 10 रन बनाए। गेंदबाजी में शार्दुल ठाकुर, एनरिच नोर्त्जे, मिचेल मार्श और कुलदीप यादव ने विकेट तो लिए, लेकिन चारों महंगे साबित हुए। आगे के मैचों में उन्हें कसी गेंदबाजी करनी होगी।