राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच आईपीएल के 15वें सीजन का 34वां मुकाबला शुक्रवार (22 अप्रैल) को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया। राजस्थान ने मुकाबले को 15 रन से जीतकर दो अंक अपने नाम कर लिए। वह अंक तालिका में अब शीर्ष पर पहुंच गया। मैच के आखिरी ओवर में भारी ड्रामा देखने को मिला। दिल्ली के कप्तान ऋषभ पंत ने अपने बल्लेबाजों को मैदान से बाहर आने का इशारा किया।
दरअसल, दिल्ली को जीत के लिए आखिरी ओवर में 36 रन बनाने थे। राजस्थान के कप्तान संजू सैमसन ने गेंदबाजी के लिए ओबेड मैकॉय को बुलाया। रोवमन पॉवेल ने शुरुआती तीन गेंदों पर छक्के लगा दिए। मैकॉय के तीसरी गेंद को लेकर विवाद हुआ। उन्हें फुलटॉस गेंद फेंकी जो देखने में नो-बॉल लग रही थी। अंपायर ने नो-बॉल नहीं दिया और थर्ड अंपायर से सलाह भी नहीं ली। इसे देखकर ऋषभ पंत भड़क गए।
बटलर ने पंत को समझाया
पंत ने अपने दोनों बल्लेबाजों रोवमन पॉवेल और कुलदीप यादव को बाहर आने के लिए कहा। पंत के पीछे से कई खिलाड़ी लगातार नो-बॉल की मांग कर रहे थे। पंत गुस्से में दिखाई दे रहे थे। बाउंड्री पर खड़े विपक्षी टीम के खिलाड़ी जोस बटलर उनके सामने गए और उन्हें समझाया। इसी बीच टीम के सहायक कोच प्रवीण आमरे मैदान में दौड़कर गए और अंपायर्स से कहा कि उनकी टीम आगे खेलने के लिए तैयार है।
रोवमन पॉवेल जिस अंदाज में खेल रहे थे उसे देखकर लग रहा था कि वे छह गेंदों पर छह छक्के लगा सकते हैं। हालांकि, ऐसा करना काफी कठिन था और उसमें उन्हें सफलता भी नहीं मिली। अगली तीन गेंदों पर पॉवेल सिर्फ दो रन बना सके और आउट भी हो गए।
ऋषभ पंत ने क्या कहा?
मैच समाप्त होने के बाद पंत ने कहा, "मुझे लगता है कि राजस्थान के गेंदबाज पूरे मैच में अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन अंत में पॉवेल ने हमें मौका दिया। नो-बॉल हमारे लिए कीमती था, लेकिन यह मेरे नियंत्रण में नहीं है। निराश हूं, लेकिन इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कर सकता। डगआउट में हर कोई निराश था। सबने देखा कि यह एक नो-बॉल था। मुझे लगता है कि तीसरे अंपायर को हस्तक्षेप करना चाहिए था और उन्हें कहना चाहिए था कि यह नो-बॉल है। आमरे को मैदान पर भेजना जाहिर तौर पर सही नहीं था, लेकिन हमारे साथ जो हुआ वह भी सही नहीं है।"
संजू सैमसन ने क्या कहा?
दूसरी ओर, मैच जीतने के बाद सैमसन ने कहा- यह एक फुलटॉस था और बल्लेबाज नो-बॉल चाहता था, लेकिन अंपायर ने नहीं दिया।