चेन्नई सुपरकिंग्स लगातार तीसरे मैच में हार गई। चार बार की चैंपियन टीम को इस तरह हारते हुए देख फैंस हैरान हैं। चेन्नई के न तो बल्लेबाज चल पा रहे हैं और न ही गेंदबाज। ओपनर से लेकर मध्यक्रम तक के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी दिखाई दे रही है। पंजाब के खिलाफ यही देखने को मिला। चेन्नई को 54 रनों से हार मिली। आईपीएल इतिहास में रनों के हिसाब से उसकी दूसरी सबसे बड़ी हार है। मुंबई के खिलाफ 2013 में 60 रनों से हार मिली थी। रवींद्र जडेजा की टीम का प्रदर्शन इतना खराब रहा कि 2018 के बाद यह दूसरा मौका है जब टीम ऑलआउट हुई है।
मैच के टर्निंग पॉइंट
1. लियाम लिविंगस्टन को दो जीवनदान मिले। अंबाती रायुडू ने सातवें ओवर में आसान कैच छोड़ा। इसके बाद आठवें ओवर में लिविंगस्टन को एक और जीवनदान मिल गया। धोनी ने उनका कैच ले लिया था, लेकिन डाइव लगाते समय गेंद जमीन को छू गई। लिविंगस्टन ने 32 गेंद पर 60 रन ठोक दिए। वे 11वें ओवर में आउट हुए।
2. पावरप्ले में चेन्नई ने निराशाजनक प्रदर्शन किया। उसके चार बल्लेबाज शुरुआती छह ओवरों में पवेलियन लौट गए। यहीं से टीम मैच हार गई। ऋतुराज गायकवाड़ (एक), रॉबिन उथप्पा (13), मोईन अली (00) और रवींद्र जडेजा (00) पावरप्ले में आउट हुए। टीम यहीं से मैच हार गई।

मोईन अली क्लीन बोल्ड हुए।
क्या जडेजा के खेल पर पड़ा कप्तानी का असर?
लगातार तीसरे मैच में यह देखने को मिला है कि रवींद्र जडेजा कप्तानी करते हुए दबाव में थे। ज्यादातर मौकों पर धोनी को फिल्डिंग लगाते हुए या गेंदबाज को बदलते हुए देखा गया। यहां तक वे जडेजा को बार-बार जाकर समझाते थे। कप्तानी का असर जडेजा की बल्लेबाजी पर देखने को मिल रहा है। आज वे खाता भी नहीं खोल पाए। हार्दिक पंड्या और मयंक अग्रवाल जैसे खिलाड़ी पहली बार कप्तानी के मामले में जडेजा से आगे दिख रहे हैं।
पावरप्ले में पंजाब के गेंदबाजों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
| स्कोर |
खिलाफ |
मैदान |
साल |
| 27/4 |
चेन्नई सुपरकिंग्स |
मुंबई (ब्रेबोर्न) |
2022 |
| 31/4 |
कोलकाता नाइटराइडर्स |
मोहाली |
2008 |
| 35/4 |
राजस्थान रॉयल्स |
केपटाउन |
2009 |
| 37/4 |
दिल्ली कैपिटल्स |
दिल्ली |
2012 |
| 44/4 |
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर |
दुबई |
2014 |
लियाम लिविंगस्टन ने अर्धशतक लगाया।
पंजाब के लिए मैच में क्या-क्या हुआ?
सकारात्मक पक्ष: पंजाब ने लियाम लिविंगस्टन को 11.50 करोड़ रुपये में खरीदा था। उन्होंने अपनी कीमत को साबित किया है। लिविंगस्टन ने तूफानी बल्लेबाजी की। उन्होंने 32 गेंद पर 60 रन बनाए। इसमें पांच चौके और पांच छक्के शामिल हैं। बल्लेबाजी में उनके अलावा शिखर धवन और जितेश शर्मा ने उपयोगी पारियां खेलीं। गेंदबाजी में टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। चार खिलाड़ियों ने आठ से नीचे की इकॉनमी रेट से रन दिए। पंजाब ने छह गेंदबाजों का इस्तेमाल किया और सभी ने विकेट लिए। डेब्यू करने वाले वैभव अरोड़ा ने काफी प्रभावित किया।
नकारात्मक पक्ष: कप्तान मंयक अग्रवाल का फॉर्म टीम के लिए चिंता का विषय है। वे लगातार तीसरे मैच में बड़ी पारी नहीं खेल सके। शाहरुख खान भी आउट ऑफ फॉर्म दिख रहे हैं। दोनों बल्लेबाज टीम के अहम खिलाड़ी हैं। वहीं, गेंदबाजी में कगिसो रबाडा महंगे साबित हुए। ऐसा लग रहा है कि वे इस आईपीएल में अपने पुराने लय में नहीं हैं।

वैभव अरोड़ा ने पहले मैच में दो विकेट लिए।
चेन्नई के लिए मैच में क्या-क्या हुआ?
सकारात्मक पक्ष: पिछले मैचों की तुलना में टीम की गेंदबाजी पहले से बेहतर हुई। शुरुआती और आखिरी ओवरों में उनका प्रदर्शन ठीक रहा। पिछले दो मैचों में डेथ ओवरों में गेंदबाजों ने निराश किया था, लेकिन आज उन्होंने बेहतर गेंदबाजी की। बल्लेबाजी में सिर्फ शिवम दुबे ने प्रभावित किया। उन्होंने पिछले मैच में 49 रन बनाए थे। इस बार 57 रन बनाए।
नकारात्मक पक्ष: ऋतुराज गायकवाड़, अंबाती रायुडू और रवींद्र जडेजा की बल्लेबाजी टीम के लिए चिंता का विषय है। तीनों ने अब तक निराश किया। गायकवाड़ तो तीन मैचों में सिर्फ दो रन ही बना सके हैं। गेंदबाजी में भी जडेजा लगातार तीसरे मैच में नाकाम साबित हुए हैं। ड्वेन ब्रावो विकेट तो ले रहे हैं, लेकिन महंगे साबित होते हैं। मुकेश चौधरी ने लगातार दूसरे मैच में टीम को निराश किया।