अजिंक्य रहाणे की अगुआई वाली राजस्थान रॉयल्स गुरुवार को जब आईपीएल मुकाबले में घरेलू मैदान पर धोनी की चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ उतरेगी तो उसका लक्ष्य बड़े उलटफेर के साथ जीत की पटरी पर लौटने का होगा।
राजस्थान की टीम पांच मैचों में से सिर्फ एक जीत से आठ टीमों की तालिका में सातवें स्थान पर है। उसे एकमात्र जीत निचले स्थान पर चल रही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के खिलाफ इसी सवाई मान सिंह स्टेडियम में मिली थी। अब उसकी निगाह घरेलू मैदान का फायदा उठाकर गत चैंपियन को चित करने पर होगी।
उधर, शानदार फॉर्म में चल रही चेन्नई की टीम ने पिछले मैच में कोलकाता नाइटराइडर्स पर सात विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज की थी। इससे वह आत्मविश्वास से लबरेज है। टीम छह मैचों में पांच जीत तालिका में शीर्ष पर है। चेन्नई के पास किसी भी मैदान पर और हर तरह की परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन करने के लिए संतुलित टीम मौजूद है।
जूझ रही है राजस्थान
राजस्थान लय हासिल करने के लिए अब तक जूझ रही है। पिछले मैच में हारने के बाद उसकी प्लेऑफ की राह मुश्किल हो गई है। उसे अपनी उम्मीदें जीवंत रखने के लिए बचे हुए सभी मैचों में विजय हासिल करनी होगी। टीम अपने पिछले मैचों में मिले मौकों को हासिल करने में नाकाम रही है। पिछले मैच में उन्हें घरेलू मैदान में कोलकाता ने धो दिया था।
सैमसन नहीं उबरे चोट से, बटलर भी रंग में नहीं
इस आईपीएल में पहला शतक जड़ने वाले संजू सैमसन अभी तक चोट से उबरे नहीं हैं। चमकदार शुरुआत के बाद जोस बटलर भी पिछली दो पारियों में विफल रहे हैं। राजस्थान के लिए सकारात्मक चीज स्टीव स्मिथ का फॉर्म में लौटना है, जिन्होंने बेंगलोर के खिलाफ 38 रन बनाने के बाद कोलकाता के खिलाफ नाबाद 73 रन की पारी खेली जिससे टीम 139 रन का स्कोर बना सकी।
रहाणे, राहुल त्रिपाठी और बेन स्टोक्स बल्ले से अच्छा खेल नहीं दिखा सके हैं। इसके अलावा मुश्किल स्थिति से उबरने के लिए उनके पास इतनी गहराई और बेंच स्ट्रेंथ नहीं है। उसकी गेंदबाजी में भी इतना पैनापन नहीं है। फॉर्म में चल रही चेन्न्ई के खिलाफ स्टोक्स, जोफरा आर्चर, जयदेव उनादकट और धवल कुलकर्णी को बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
पहले मुकाबले में भारी पड़ी थी चेन्नई
चेन्नई की टीम आत्मविश्वास से भरी है, जिसने सत्र के शुरू में राजस्थान को पराजित किया था। तब धोनी ने नाबाद 75 रन की पारी खेलकर टीम को आठ रन से जीत दिलाई थी। शीर्ष में शेन वाटसन और फाफ डुप्लेसिस की मौजूदगी से बल्लेबाजी मजबूत दिखती है।
मध्यक्रम में सुरेश रैना, अंबाती रायडू, केदार जाधव और धोनी शामिल हैं। गेंदबाजी में तेज गेंदबाजों और स्पिनरों का अच्छा मिश्रण है जो सवाई मान सिंह की विकेट पर कहर बरपाने का प्रयास करेंगे जो अब तक काफी धीमी रही है।