राजनीति के अपराधीकरण को रोकने की चर्चा खूब होती है, लेकिन जब टिकट बांटने की बारी आती है तो कोई भी दल अपराधियों को टिकट देने से पीछे नहीं हटता। कल यानी गुरुवार को पहले चरण के लिए होने वाले मतदान के लिए भी पार्टियों ने जिन उम्मीदवारों को खड़ा किया है, उनमें अपराधी नेताओं की संख्या काफी ज्यादा है।
अपराधियों को टिकट बांटने में भाजपा हो या कांग्रेस, हर दल आगे है। हालांकि अपराधी उम्मीदवारों को खड़ा करने में कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया सबसे आगे है। उसके पचास फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं जिसमें 38 फीसदी उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
चुनाव सुधार के लिए काम करने वाली संस्था एडीआर ने अपने अध्ययन में खुलासा किया है कि भारतीय जनता पार्टी ने पहले चरण में 36 फीसदी (कुल 83 उम्मीदवारों में से 30) अपराधी उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इनमें 16 यानी 19 फीसदी उम्मीदवारों पर गंभीर मामले चल रहे हैं।
कांग्रेस ने कुल 83 में से 35 यानी 42 फीसदी अपराधी उम्मीदवारों को टिकट थमाया है जिनमें 22 यानी 27 फीसदी पर गंभीर मामले चल रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी ने इस चरण में 32 उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें आठ पर आराधिक, और चार पर गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं।