गेंदबाजी के मोर्चे पर बैंगलोर के लिए स्पिनर युजवेंद्र चहल सबसे कामयाब रहे हैं जो अब तक 11 विकेट ले चुके हैं। वानखेड़े स्टेडियम की पिच पर चहल फिर उपयोगी साबित हो सकते हैं, लेकिन उन्हें मोहम्मद सिराज (6 विकेट), नवदीप सैनी (4 विकेट), मोइन अली (3 विकेट), उमेश यादव (02 विकेट) से भी सहयोग की दरकार होगी। अलबत्ता डेल स्टेन के आने से गेंदबाजी मजबूत होगी।
जीत की राह पर लौटना चाहेगी मुंबई
दूसरी ओर राजस्थान के खिलाफ चार विकेट की हार के बाद मुंबई जीत की राह पर वापसी करना चाहेगी। अच्छा संकेत यह है कि कप्तान रोहित चोट से उबरने के बाद पिछले मैच में लौट आए हैं। रोहित के अलावा ओपनर क्विंटन डीकॉक भी रन कर रहे हैं।
निचले मध्यक्रम में हार्दिक भी उपयोगी रन बनाने में कामयाब हो रहे हैं। हालांकि ईशान किशन, सूर्य कुमार यादव, कीरोन पोलार्ड और क्रुणाल पांड्या को अपने प्रदर्शन में निरंतरता लानी होगी।
गेंदबाजों को राजस्थान के बल्लेबाज जोस बटलर के बल्ले से हुई अपनी गेंदों की धुनाई को भुलाकर ताजा दम होकर उतरना होगा।
युवा गेंदबाज अल्जारी जोसफ का उतरना इस बात पर निर्भर करेगा कि उनकी कंधे की चोट कैसी है जो पिछले मैच में फील्डिंग के दौरान चोटिल हो गया था।