तालिका में शीर्ष पर चल रही चेन्नई रविवार को यहां होने वाले इंडियन टी-20 लीग के मैच में दिल्ली की तरह कोलकाता के खिलाफ दूसरी जीत दर्ज करने की कोशिश करेगी। घरेलू टीम की लय अचानक लगातार दो हार से टूट गई, पहले उसे चेन्नई से और फिर बीती रात दिल्ली से पराजय का मुंह देखना पड़ा।
कोलकाता हालांकि मजबूत चेन्नई के खिलाफ इस मुकाबले में काफी दबाव में होगी। पिछली दो पराजय ने कोलकाता की आंद्रे रसेल पर अति निर्भरता उजागर कर दी जिन्होंने अभी तक बल्ले से जलवा बिखेरा है।
घरेलू टीम की मुश्किल इस बात से भी बढ़ गई है कि कलाई की चोट के बढ़ने के कारण जमैका के इस खिलाड़ी का खेलना संदिग्ध हो गया है जो उन्हें चेन्नई में लगी थी।
दिल्ली के खिलाफ 21 गेंद में 45 रन की पारी के दौरान भी वह सहज नहीं दिखे थे। वह गेंदबाजी करते हुए अपने कोटे के चार ओवर भी नहीं कर सके थे और मैदान पर लड़खड़ाते दिखे थे। मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में भी वह नहीं दिखाई दिए।
हालांकि प्रतिभाशाली युवा शुभमन गिल अच्छी फार्म में दिख रहे हैं। दिल्ली के खिलाफ उन्हें पारी के आगाज के लिए भेजा गया जिसमें उन्होंने 39 गेंद में 65 रन की पारी खेली, लेकिन कोलकाता के सभी बल्लेबाजों को अच्छा करने की जरूरत है विशेषकर कप्तान दिनेश कार्तिक को जो पिछले सत्र में उनके लिए सर्वाधिक रन जुटाने वाले खिलाड़ी रहे थे। वह इस बार जूझ रहे हैं और उन्होंने 15.33 के औसत से 93 रन बनाए हैं।
विवाद पीछे छोड़ प्रदर्शन पर फोकस
महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में चेन्नई की टीम सात में से छह मैचों में विजय पताका लहरा चुकी है जिसमें लगातार तीन मैचों में जीत शामिल है। लेकिन पिछले मैच में धोनी गलत कारणों से सुर्खियों में आ गए। राजस्थान के खिलाफ अंपायर उल्हास गांधे के फैसले को चुनौती देने डगआउट से निकलकर मैदान पर आ गए। हालांकि धोनी प्रतिबंध से बच गए और उन पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना ही लगाया गया। चेन्नई की टीम एक और शानदार प्रदर्शन से इस विवाद को पीछे छोड़ने की कोशिश करेगी।