चेन्नई और दिल्ली मंगलवार को इंडियन टी-20 लीग में जब दिल्ली में आमने-सामने होंगे तो दोनों टीम जीत की लय बरकार रखने की कोशिश करेंगी। चेन्नई के चतुर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के सामने दिल्ली के युवा आक्रामक बल्लेबाज ऋषभ पंत को रोकने की चुनौती होगी जिन्होंने मुंबई के खिलाफ टीम की 37 रन की जीत के दौरान 27 गेंद में नाबाद 78 रन की शानदार पारी खेली।
फिरोजशाह कोटला पर चेन्नई की टीम अपने अनुभवी खिलाड़ियों के कारण जीत की दावेदार है, लेकिन मेजबान टीम युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी में जोश से भरी है। धोनी की टीम के खिलाफ अपने घरेलू मैदान पर दिल्ली का रिकॉर्ड काफी अच्छा नहीं है।
कोटला की पिच भी धोनी की टीम को जीत का दावेदार बनाती है। हरभजन सिंह, रविंद्र जडेजा और इमरान ताहिर की सुपरकिंग्स की स्पिन तिकड़ी बैंगलोर के खिलाफ कम स्कोर वाले मैच में अपनी उपयोगिता साबित कर चुकी है।
पंत को स्पिनरों के खिलाफ परेशानी का सामना करना पड़ता है और इस युवा के साथ काफी क्रिकेट खेल चुके धोनी उनकी इस कमजोरी से वाकिफ होंगे और इसका फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।
कोटला की पिच के मैच आगे बढ़ने के साथी धीमा होने की संभावना है और ऐसे में धोनी तेज गेंदबाजों के साथ गेंदबाजी की शुरुआत करके हरभजन और ताहिर को बाद के ओवरों के लिए बचा सकते हैं जब संभवत: पंत के क्रीज पर उतरने की उम्मीद है।
बैंगलोर के खिलाफ मैन ऑफ द मैच बने हरभजन इस बाएं हाथ के बल्लेबाज को गेंदबाजी करने की चुनौती के लिए तैयार होंगे जिन्हें शॉट खेलना पसंद है। पहले मैच में विराट कोहली और एबी डिविलियर्स जैसे खिलाड़ियों को पवेलियन भेजने के बाद हरभजन पंत को भी जल्द से जल्द डग आउट की राह दिखाने का प्रयास करेंगे।
सीएसके को उम्मीद होगी कि उनके बल्लेबाज कोटला में अधिक स्वच्छंद होकर बल्लेबाजी कर पाएंगे जबकि दिल्ली की टीम चाहेगी कि ट्रेंट बोल्ट और इशांत शर्मा जैसे उसके अनुभवी गेंदबाज किफायती गेंदबाजी करें।