केकेआर के खिलाफ पिछले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को करारी हार का सामना करना पड़ा। आरसीबी आईपीएल इतिहास के सबसे कम स्कोर 49 रन पर सिमट गई थी। अब रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम उस शर्मनाक हार के सदमे से उबरने की कोशिश में है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मंगलवार को होने वाले मुकाबले में जोरदार जीत ही पिछली हार के जख्म पर मरहम रख सकती है। आरसीबी के सात मैचों में चार अंक हैं।
टूर्नामेंट अब दूसरे चरण में पहुंच गया है ऐसे में विराट एंड कंपनी के लिए अभियान को पटरी पर लाने की भी जरूरत है। हैदराबाद की टीम के सात मैचों में आठ अंक हैं और टीम बड़ी चुनौती पेश कर रही है। आरसीबी की दिक्कत यह है कि ‘बिग थ्री’ यानी विराट कोहली (154 रन, चार मैच), क्रिस गेल (144 रन, पांच मैच) और एबी डीविलियर्स (145 रन, चार मैच) निरंतर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। केदार जाधव ने टीम इंडिया के लिए सीजन में अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन आईपीएल के सात मैचों में 175 रन के साथ वह भी बल्ले से कमाल नहीं दिखा पा रहे हैं।
स्तरीय तेज गेंदबाजी के आगे उनकी तकनीक ज्यादा कारगर नजर नहीं आ रही। इन हालात में कोहली स्थिति और खराब होने से पहले टीम से बढ़िया प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे होंगे। निजी तौर पर कोहली अपने लिए ऊंचे मानक तय करते हैं, अब उन्हें टीम से उच्च स्तरीय खेल की अपेक्षा होगी। टीम इंडिया के कप्तान के तौर पर विराट कोहली के लिए यह स्थिति बेहद खराब होगी कि उनकी टीम आरसीबी नॉकआउट चरण से पहले ही बाहर हो जाए। केकेआर के खिलाफ रविवार को मिली शर्मनाक हार के बाद उन्होंने कहा कि भी यह उनकी टीम का सबसे खराब प्रदर्शन रहा। टीम का कोई भी बल्लेबाज दहाई के अंक को नहीं छू सका।