चयनकर्ताओं ने केरल के संजू सैमसन का भी चयन किया है। धोनी ने संन्यास नहीं लिया है। ऐसे में पंत पर प्रदर्शन करने का बड़ा दबाव है। संजू सैमसन को बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 में जगह मिली थी लेकिन मौका नहीं मिला।
इस सीरीज में भी उन्हें तब जगह दी गई है जब शिखर धवन के सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान घूटने में चोट लग गई। विकेटकीपर के रूप में पहली पसंद पंत हैं लेकिन यदि वह विफल रहते हैं तो देखना होगा कि क्या टीम प्रबंधन सैमसन को मौका देगा जिसके वह हकदार भी हैं। भारत के लिए अच्छी बात यह है कि कप्तान विराट कोहली बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में आराम करने के बाद ताजादम होकर उतरेंगे।
गेंदबाजी के मोर्चे पर स्पिनर कुलदीप यादव, तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार टी-20 में वापसी कर रहे हैं। लंबे समय बाद कुलदीप और युजवेंद्र चहल जिन्हें जोड़ी के रूप में कुलचा भी कहा जाता है, एक साथ उतरेंगे।
कुलदीप ने पिछला टी-20 न्यूजीलैंड के खिलाफ फरवरी में खेला था। जबकि शमी ने इस प्रारूप में अपना पिछला मैच 2017 में खेला था। भुवनेश्वर फिट होकर लौटे हैं। अगस्त में उन्होंने विंडीज के खिलाफ ही अपना पिछला टी-20 खेला था। बांग्लादेश के खिलाफ दीपक चाहर ने सात रन देकर छह विकेट लिए थे। शमी और भुवनेश्वर के साथ उनसे भी बड़ी भूमिका निभाए जाने की उम्मीद है।
भारत ने अगस्त में वेस्टइंडीज को उसके मैदान में 3-0 से रौंदा था। मेहमान टीम उस हिसाब को बराबर करना चाहेगी। टी-20 में विंडीज की गिनती अच्छी टीमों में की जाती है। उनके साथ यह अच्छा है कि वह हालात के अनुकूल पहले ही ढल चुके हैं। उन्होंने लखनऊ में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज खेली है।
कप्तान किरोन पोलार्ड अग्रिम मोर्चे से नेतृत्व करना चाहेंगे। निकोलस पूरन गेंद से छेड़खानी के कारण लगे चार मैचों के प्रतिबंध के चलते पहले मैच में नहीं खेलेंगे। फोकस इविन लुइस और लेंडल सिमंस पर होगा। शिमरोन हेतमायर बल्लेबाजी को मजबूत करेंगे। ऑलरांउडर फैबियन एलेन अनुभवी आंद्रे रसेल की कमी पूरी कर सकते हैं। टीम में ब्रेंडन किंग, खारी पियरे, रूदरफोर्ड, केसरिक विलियम्स और हेडन वाल्श जूनियर जैसे युवा खिलाड़ी भी हैं।