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INDvWI: टीम इंडिया की हार के 5 कारण, इसलिए हाथ से निकला पुणे वन-डे

Sun, 28 Oct 2018 12:39 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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पुणे में हुआ तीसरा वन-डे टीम इंडिया हार चुकी है। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर्स में 9 विकेट के नुकसान पर 283 रन बनाए। जवाब में पूरी भारतीय टीम 47.4 ओवर्स में 240 रन पर ही सिमट गई। इसी के साथ पांच मैच की यह सीरीज 1-1 से बराबर हो गई।
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विराट एक और शतक बेकार

भारत के लिए एक बार फिर कप्तान विराट कोहली ने शतकीय पारी खेली। उन्होंने 119 गेंदों में 10 चौके और एक छक्के की मदद से सर्वाधिक 107 रन बनाए।

उनके अलावा कोई और बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे पाया। एक वक्त ड्राइविंग सीट में नजर आ रही टीम इंडिया को इन पांच कारणों के चलते मैच गंवाना पड़ा।
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1. शाई होप की शानदार बल्लेबाजी

वेस्टइंडीज की ओर से शाई होप लगातार रन बना रहे हैं। इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने विशाखापट्टनम में खेले गए दूसरे मुकाबले में भी शतक जड़ा था।

अब पुणे में वे शतक से चूके, लेकिन उनकी 95 रन की पारी की बदौलत ही वेस्टइंडीज 283 का स्कोर खड़ा कर पाई।

होप ने अपने पचास रन बनाने में 72 गेंदों का वक्त लिया था, लेकिन 44वें ओवर में आउट होने तक वे टीम का स्कोर 227 कर चुके थे।

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2. आखिरी ओवर्स में एश्ले नर्स की तूफानी पारी

एक वक्त जब शाई होप के आउट होने के बाद वेस्टइंडीज की पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर रही थी तब दूसरी ओर से एश्ले नर्स ने ताबड़तोड़ पारी खेल दी। नर्स 42वें ओवर में जब बल्लेबाजी करने आए थे तब वेस्टइंडीज का स्कोर 217 रन पर 7 विकेट था।

यहां से नर्स ने गेयर बदला और 22 गेदों पर 40 रन की तूफानी पारी खेल डाली। इस दौरान उन्होंने चार चौके और दो छक्के भी लगाए। नर्स को केमार रोच का बढ़िया साथ मिला। रोच ने अंत में कीमती 15 रन बनाए।
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3. अकेले पड़ गए विराट

टीम इंडिया की हार में सबसे बड़ा कारण रहा कि विराट कोहली के अलावा किसी भी बल्लेबाज ने क्रीज पर टिकने की कोशिश नहीं की। केवल शिखर धवन ने 35 रन बनाकर कुछ देर तक विराट का साथ दिया लेकिन वे भी जल्दी ही आउट हो गए।

इसके बाद रायडू (22), पंत (24) अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए। धोनी (7) का फॉर्म फिर चिंता का सबब बना। भुवी के आउट होने के बाद भी विराट भी अपना विकेट भी नहीं बचा सके और सैमुअल्स की गेंद पर बोल्ड हो गए।
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4. ऑलराउंडर्स की कमी खलना

इस मैच में टीम इंडिया एक स्पेशल बल्लेबाज के बिना मैदान में उतरी थी। रवींद्र जडेजा की जगह एक अतिरिक्त गेंदबाज के साथ विराट की यह रणनीति उनपर भारी पड़ गई।

युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार और खलील अहमद के साथ उतरने के बाद टीम को एक ऐसे खिलाड़ी की कमी खली जो न सिर्फ टिक कर बल्लेबाजी कर पाए बल्कि तेद गति से रन भी बनाए।

विराट को इस बात का बखूबी अंदाजा भी है शायद इसलिए मैच के बाद उन्होंने हार्दिक पांड्या और केदार जाधव जैसे खिलाड़ियों का जिक्र करना पड़ा, जो टीम में एक ऑलराउंडर की भूमिका निभाते हैं।
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5. वेस्टइंडीज की टीम इंडिया के मुकाबले बेहतरीन गेंदबाजी

इस मैच में वेस्टइंडीज की टीम इंडिया से काफी बेहतर गेंदबाजी की। वेस्टइंडीज की गेंदबाजी भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफल रहे जिसकी वजह से विराट के अलावा कोई भी बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल सका और शतक लगाने के बाद विराट भी अपना विकेट नहीं बचा सके।

सैमुअल्स ने तीन विकेट, एश्ले नर्स, मैकॉय और होल्डर ने दो-दो विकेट लिए वहीं केमार रोच ने एक विकेट लिया। दूसरी ओर टीम इंडिया के गेंदबाजों ने जरूर निश्चित अंतराल पर विकेट लिए, लेकिन वे वेस्टइंडीज पर दबाव बनाने में पूरी तरह से नाकाम रहे।

31 ओवर तक भुवनेश्वर कुमार ने 6 ओवर में केवल 26 रन दिए थे. लेकिन 39 ओवर से शुरु किए अपने अंतिम स्पेल में भुवी ने 4 ओवर में 44 रन लुटाए। जबकि  खलील अहमद ने भी 10 ओवर में 67 रन दिए।
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