फॉर्मेट में बदलाव करके बोर्ड जून में IPL का आयोजन करवाना चाहता था। मैच आधे होते। सीमित शहरों को मेजबानी का मौका मिलता। इस बात की भी पूरी संभावना थी कि विदेशी खिलाड़ियों के बिना ही टूर्नामेंट खेल लिया जाए। अगर ऐसा होता तो यह विदेशी खिलाड़ियों के लिए किसी झटके से कम नहीं होता। पिछले दिसंबर की नीलामी में, आठ फ्रैंचाइजियों द्वारा कुल 62 विदेशी खिलाड़ी खरीदे गए थे। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस आईपीएल के इतिहास में सबसे महंगी विदेशी खिलाड़ी भी बने। केकेआर ने उन्हें 15.5 करोड़ रुपये में खरीदा था। अब जब तक टूर्नामेंट शुरू नहीं होगा, तब तक कमिंस समेत किसी भी देशी-विदेशी खिलाड़ियों को एक पैसे का भुगतान नहीं होगा।
मानक के अनुसार, फ्रेंचाइजी दो किस्तों में भुगतान करती हैं। टूर्नामेंट शुरू होने से एक सप्ताह पहले और बाकी का सीजन खत्म होने के बाद। इससे पहले भारत सरकार द्वारा नए वीजा नियम के तहत विदेशी यात्रियों के भारत आने पर रोक लगा दिया गया था। इसके बाद दिल्ली सरकार ने भी आदेश पारित करते हुए दिल्ली में होने वाले सभी खेल आयोजनों को रद्द करने का फैसला लिया था। इतना ही नहीं महाराष्ट्र समेत कई और राज्यों ने भी आईपीएल के आयोजन को लेकर सवाल उठाए थे।
BCCI के सूत्रों के मुताबिक आईपीएल को रद्द करने पर 3000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। इससे पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने IPL को लेकर बड़ा बयान दिया था। सौरव गांगुली ने कहा था कि मौजूदा हालात में इस पर सोचा भी नहीं जा सकता है। कोरोना वायरस के कारण भारत में साढ़े 11 हजार से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि इनमें से 377 लोगों की मौत हो चुकी है।