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Mohammad Siraj: पिता के निधन के बाद अक्सर कमरे में रोते थे सिराज, अंतिम संस्कार में शामिल न होने का दुख था

Mon, 13 Mar 2023 01:45 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु

सार

Mohammad Siraj Birthday Special: मोहम्मद सिराज ने बताया है कि उनके पिता के निधन के बाद अक्सर अपने कमरे में रोया करते थे। हालांकि, सिराज ने अपनी मेहनत जारी रखी और अब वनडे में दुनिया नंबर एक गेंदबाज बन चुके हैं।
 
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मोहम्मद सिराज - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान अपने पिता को खोने के बाद अपनी भावनात्मक लड़ाई के बारे में खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि वह कोविड महामारी के कारण बायो-बबल के अंदर थे और उस दौरान अक्सर अपने कमरे में रोते थे। सिराज ने नवंबर, 2020 में बीमारी के बाद अपने पिता मोहम्मद गौस को खो दिया था। इस समय वह ऑस्ट्रेलिया में थे। वैश्विक महामारी के कारण लगे प्रतिबंधों के कारण वह उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके थे।
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आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेलने वाले सिराज ने आरसीबी सीजन 2 पॉडकास्ट में बताया, "ऑस्ट्रेलिया में, कोई भी अन्य खिलाड़ियों के कमरे में नहीं जा सकता था, क्योंकि हम वीडियो कॉल पर बात करते थे। लेकिन श्रीधर सर (भारत के पूर्व फील्डिंग कोच आर श्रीधर) अक्सर फोन करते थे कि आप कैसे हैं, आपने क्या खाया है आदि। यह एक अच्छा अहसास था और मेरी मंगेतर भी उस समय मुझसे (फोन पर) बात करती थी। मैं फोन पर कभी नहीं रोया लेकिन ऐसे मौके आए जब मैं कमरे में रोया और फिर बाद में बात की।"

सिराज 29 साल के हो चुके हैं। वह सोमवार को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने यह भी याद किया कि कैसे तत्कालीन मुख्य कोच रवि शास्त्री ने उनका समर्थन किया और उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा "मैं अपने पिता के निधन के अगले दिन ट्रेनिंग के लिए गया और रवि शास्त्री ने मुझे बताया कि मेरे पिता का आशीर्वाद है और मैं पांच विकेट लूंगा। जब मैंने ब्रिसबेन में पांच विकेट लिए, तो उन्होंने मुझसे कहा 'देखो, क्या किया। मैं तुमसे कहता हूं कि तुम पांच विकेट लोगे।' जब मेरे पिताजी आसपास थे तो बहुत मजा आया क्योंकि वह अपने बेटे की सफलता देखना चाहते थे। उन्होंने मुझे पूरी मेहनत करते हुए देखकर बहुत गर्व और खुशी महसूस की। "मैं हमेशा अपने पिता के सामने प्रदर्शन करना चाहता था, और सपना सच हो गया लेकिन मैं चाहता हूं कि मैं इसे और अधिक कर सकूं।"
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भारत ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी। इस सीरीज में सिराज 13 विकेट के साथ सबसे सफल भारतीय गेंदबाज थे। उन्होंने खिलाड़ियों के चोटिल होने को लेकर बात करते हुए कहा "मुझे ऑस्ट्रेलिया में गेंदबाजी करने में सबसे ज्यादा मजा आया, क्योंकि मैं तेज गेंदबाजों में सबसे सीनियर हो गया था। सभी मुख्य गेंदबाज चोटिल थे। नई गेंद से गेंदबाजी करना पूरी तरह से एक अलग एहसास था। यह एक बड़ी जिम्मेदारी थी और मैं बहुत खुश था कि मैं इसे पूरा कर सका। मुझे यह भी पता नहीं था कि जस्सी भाई (जसप्रीत बुमराह) आखिरी टेस्ट नहीं खेल रहे थे और मुझे इसके बारे में तब पता चला जब मैं वार्म-अप के लिए मैदान पर आया। हमें टीम मीटिंग में सूचित किया गया था कि जस्सी भाई नहीं खेल रहे हैं।"

उन्होंने कहा "मैं यह सुनकर हैरान रह गया कि पूरी गेंदबाजी लाइन-अप इतनी युवा है। मैंने सिर्फ दो मैच खेले हैं जबकि शार्दुल (ठाकुर) और नवदीप सैनी ने एक-एक मैच खेला है। लेकिन युवाओं में यह एकता थी जिसने हमें वह मुकाबला जीतने में मदद की।"

सिराज का 2021 में इंग्लैंड में एक यादगार दौरा भी रहा जब उन्होंने लॉर्ड्स में भारत को 151 रन से जीत दिलाने में आठ विकेट लिए थे। "हम दूसरी पारी में छह विकेट पर 175 रन बना चुके थे और 200 के करीब पहुंचना चाहते थे, एक ऐसा टोटल जिसे डिफेंड करने का हमें भरोसा था। लेकिन जस्सी भाई और (मोहम्मद) शमी भाई के बीच एक शानदार साझेदारी हुई और हमने 250 से अधिक रन बनाए। यह एक अलग एहसास था और हमने पारी की घोषणा की। तब विराट भाई ने हमसे कहा कि हमारे पास 70 ओवर हैं और उन ओवरों को पूरे दिल से फेंको और उन्हें 70 ओवर नरक का एहसास कराओ। इसलिए, इसने हमें बहुत प्रेरणा और आक्रामकता दी। हम सभी विराट भाई की आक्रामकता के बारे में जानते हैं और इसे देखकर हम सभी प्रेरित होते हैं। हमने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को यह सोचने पर मजबूर किया कि 'यह हमारा घरेलू मैदान है या उनका घरेलू मैदान'।"
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