भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी रविवार को देहरादून में होने वाले अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। उत्तर प्रदेश के अमरोहा में रहने वाले शमी ने पिछले साल वनडे विश्व कप में खूब चमक बिखेरी थी, लेकिन फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार के बाद वह चोटिल हो गए और फरवरी में उन्हें सर्जरी करानी पड़ी। शमी अब तक इस चोट से पूरी तरह नहीं उबर सके हैं जिस कारण उनकी टीम में वापसी होने में देरी हो रही है।
वनडे विश्व कप में लिए थे सर्वाधिक विकेट
शमी ने पिछले साल भारत में खेले गए वनडे विश्व कप में कमाल का प्रदर्शन किया था। शमी ने इस टूर्नामेंट के शुरुआती कुछ मैच नहीं खेले थे और बांग्लादेश के खिलाफ हार्दिक पांड्या के चोटिल होने के कारण उन्हें मौका मिला था। शमी ने विश्व कप 2023 के अपने पहले ही मैच में कमाल की गेंदबाजी की थी जिसके बाद फाइनल तक वह प्लेइंग-11 के सदस्य बने रहे। इतना ही नहीं शमी वनडे विश्व कप में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज भी बने थे। उन्होंने सात मैचों में 5.26 की इकॉनोमी रेट से 24 विकेट लिए थे और सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में ऑस्ट्रेलिया के एडम जांपा को पीछे छोड़ा था।
उत्तर प्रदेश में जन्मे, प्रथम श्रेणी में करते हैं बंगाल का प्रतिनिधित्व
मोहम्मद शमी का जन्म उत्तर प्रदेश के अमरोहा में हुआ था, लेकिन यह खिलाड़ी प्रथम श्रेणी में बंगाल टीम का प्रतिनिधित्व करता है। शमी ने कुछ समय पहले इस बारे में खुलासा किया था कि आखिरी क्यों उन्हें उत्तर प्रदेश की जगह बंगाल का प्रतिनिधित्व करना चुना। शमी ने बताया था कि उन्होंने कई बार उत्तर प्रदेश की रणजी टीम के लिए ट्रायल दिए, लेकिन फाइनल राउंड में हमेशा उन्हें बाहर कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने बंगाल का रुख किया और वहीं के लिए खेलने लगे।
पाकिस्तान के खिलाफ किया था डेब्यू
उत्तर प्रदेश के अमरोहा में तीन सितंबर 1990 को जन्मे मोहम्मद शमी ने छह जनवरी 2013 में दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था। वह अब तक 101 वनडे मैच खेल चुके हैं और उन्होंने 195 विकेट अपने नाम किए हैं। इसी तरह 64 टेस्ट मैचों में उन्होंने 229 विकेट झटके हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय की बात करें तो शमी ने 23 मैचों में 24 विकेट चटकाएं हैं।
अर्जुन अवॉर्ड से हुए थे सम्मानित
शमी को उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए इस साल की शुरुआत में राष्ट्रीय खेल पुरस्कार के दौरान अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। वह भारत के 58वें क्रिकेटर बने थे जिन्हें यह सम्मान मिला है।