भारतीय क्रिकेट टीम में आपका सबसे पसंदीदा खिलाड़ी कौन है, और क्यों?
बिना किसी विवाद के मैं विराट कोहली का नाम लूंगा। वे आक्रामकता और सूझबूझ के गजब के मिश्रण हैं। लगता है कि खेलते समय कभी उनकी ऊर्जा खत्म ही नहीं होती। नए साथियों को वे जिस तरह आगे बढ़ाते हैं, वह वाकई काबिलेतारीफ है। हालांकि, उनसे मिलने की हमारी चाहत अभी भी पूरी नहीं हुई है, लेकिन मैं उनका बड़ा फैन हूं।
दिव्यांग क्रिकेट की भारत में पहचान काफी कम है?
यह सही है कि दिव्यांग क्रिकेट भारत में अभी भी अपने शुरुआती दौर में है, लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इसके बावजूद यहां काफी कड़ा मुकाबला है। पूरे भारत में लगभग 500 से ज्यादा मजबूत खिलाड़ियों के बीच में से हमारे 20 साथी इस विश्व कप के लिए चुने गए हैं।
दिव्यांग क्रिकेट की सफलता के लिए क्या किया जाना चाहिए?
दीपा मलिक जैसी अनेक दिव्यांग खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया है कि अगर हम सफलता हासिल करते हैं तो देश हमारा सम्मान करने को तैयार है। हमें इसके लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। साथ ही, अगर बीसीसीआई या भारत सरकार की तरफ से आर्थिक और तकनीकी सहयोग मिले तो दिव्यांग क्रिकेट भी लोकप्रिय हो सकता है।
ये हैं टीम के खिलाड़ी-
विक्रांत रवींद्र केनी (कप्तान), कुनाल दत्तात्रेय फणसे, वसीम इकबाल खान, तुषार पाल, रवींद्र गोपीनाथ संते, सुगनेश महेंदरन, देवाव्रत रॉय (विकेट कीपर), अनीश पी रंजन, अंशुल, रमेश सुब्रामण्यम, नरेंद्र मैंगोरे, जेवी नागाराजू, गुरुदास रामदास राउत, गुर्जांत सिंह, मंदीप सिंह सरन, आमिर हसन राथेर
स्टैंड बाय- अब्दुल खलिक, सनी गोयल, अवनीश कुमार, एआर जयस्वर
विश्व कप तीन अगस्त से शुरु होकर 13 अगस्त तक चलेगा। भारत का पहला मैच पांच अगस्त को बांग्लादेश की टीम के साथ होगा।