भारत ने इंग्लैंड से पहला टेस्ट भले ही 9 विकेट से जीत लिया हो लेकिन इस जीत ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अहमदाबाद टेस्ट शुरू होने से पहले माना जा रहा था कि यहां टर्निंग ट्रैक मिलेगा क्योंकि भारतीय टीम स्पिनरों के भरोसे इस मैच में उतर रही थी। लगभग हुआ भी वही, भारत ने पहले खेलते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 521 रन बनाए। भारत की इस पारी के 5 विकेट स्पिनर ग्रीम स्वान ने लिया। इंग्लैंड ने पहली पारी में केवल 191 रन बनाए। भारतीय स्पिनरों ने 8 विकेट झटके। लेकिन टीम इंडिया के वही स्पिनर दूसरी पारी में संघर्ष करते दिखे। दूसरी पारी में स्पिन डिपार्टमेंट के हाथ बड़ी मुश्किल से 5 विकेट हाथ लगे। जिसमे 4 विकेट ओझा को और केवल 1 विकेट अश्विन को मिला।
अब सवाल यह उठता है कि इस मैच के बाद किसका मनोबल ज्यादा बढ़ा होगा। 9 विकेट से जीतने वाली टीम इंडिया का या लगभग तय पारी की हार बचाने वाली इंग्लैंड टीम का?
इस सीरीज से पहले ही यह माना जा रहा है कि यह 'बदले की सीरीज' है। भारत इंग्लैंड में अपने 4-0 से क्लीन स्वीप का बदला अपने घरेलू मैदानों पर इंग्लैंड से लेगा, तभी हिसाब बराबर होगा। भारत ने पहला टेस्ट जीत इसकी शुरुआत भी कर दी है। लेकिन इस जीत के बाद इस बात की गारंटी देना मुश्किल है कि भारत यह सीरीज 4-0 से जीत लेगा। इसके मुख्य कारण हैं---
इंग्लैंड की बल्लेबाजी
भारतीय टीम जब इंग्लैंड गई थी तो उनकी भी वही हालत थी जो इंग्लैंड की पहली पारी में थी। इंग्लैंड ने दूसरी ही पारी में अपने आप को सभांल लिया जबकि भारतीय टीम के बल्लेबाज पूरी सीरीज में संघर्ष करते रहे। अभी केवल इंग्लैंड के कप्तान को आउट करने में भारतीय गेंदबाजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुक के अलावा मैट प्रायर ने भी दोनों पारियों (48 और 91) में टीम इंडिया के गेंदबाजों को परेशान करते रहे। केविन पीटरसन भी भारतीय जमीं पर बेहतरीन बल्लेबाजी कर लेते हैं। ऐसे में अगर केवल यह तीन बल्लेबाज जम गए तो भारत का क्लीन स्वीप का सपना मुश्किल हो जाएगा।
भारत की गेंदबाजी
टेस्ट मैचों में भारतीय गेंदबाजी घरेलू मैदानों पर पूरी तरह स्पिन पर निर्भर होती है। अहमदाबाद टेस्ट में इंग्लैंड को पहली पारी में 191 रन पर आउट करने के बाद एकाएक भारतीय स्पिनरों की धार कम दिखना आगे के लिए खतरे का संकेत है। ऐसा नहीं कि भारतीय स्पिनर लगातार दो पारियों में गेंदबाजी करते हुए थक गए जिस कारण उनके प्रदर्शन पर असर पड़ना स्वाभाविक है। पहली पारी में अश्विन ने केवल 27 ओवर फेंके तो ओझा ने केवल 22.2 ओवर ही गेंदबाजी किया था। अगर टेस्ट क्रिकेट में इतने ओवर फेंकने के बाद स्पिन गेंदबाज थकने
लगेंगे तो यह टीम इंडिया के लिए खतरे के संकेत हैं।
इस सीरीज का अगला टेस्ट मैच मुंबई में खेला जाएगा। इस टेस्ट के बाद भारत का जितना मनोबल बढ़ा होगा लगभग उतना ही मनोबल इंग्लैंड का भी बढ़ा होगा। क्योंकि जिस तरह इंग्लैंड ने इस मैच में वापसी की वो उसको आने वाले सीरीज में जरूर टॉनिक का काम करेगी। ऐसे में भारत को सीरीज 4-0 से जीतने के लिए नए सिरे से बेहतरीन खेल दिखाना होगा।