भारतीय टीम के ऑलराउंडर शिवम दुबे अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं और उन पर डेथ ओवरों में बड़े शॉट लगाने का जिम्मा रहता है। लेकिन टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल उन्हें बैकअप मध्यम तेज गेंदबाज के तौर पर स्थापित होते देखना चाहते हैं। शिवम एशिया कप के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने पिछले साल टी20 विश्व कप में अहम भूमिका निभाई थी और अब टीम को इस बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट में भी उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
ऑलराउंडरों को दोनों कौशल पर काम करते देखना चाहते हैं मोर्कल
भारत के पास शिवम और हार्दिक पांड्या के रूप में दो अच्छे ऑलराउंडर हैं और इसी भूमिका को देखते हुए मोर्कल चाहते हैं कि शिवम एक गेंदबाज के तौर पर भी उभरे। मोर्कल का कहना है कि उनके लिए यह जरूरी है कि शिवम जैसा ऑलराउंडर भी टी20 में अपने स्पैल के चार ओवर पूरे डाले। भारतीय टीम ने सोमवार को दुबई के आईसीसी अकादमी पर अभ्यास किया। अभ्यास सत्र से इतर मोर्कल ने कहा, मेरे लिए यह देखना जरूरी है कि शिवम जैसा लड़का चार ओवर डाल सके। मैं हमेशा ऑलराउंडरों से कहता हूं कि दोनों कौशल पर काम करें। कई बार लड़के अभ्यास में थोड़े शरारती हो जाते हैं और एक पर ही फोकस करते हैं। यहां इस माहौल में हम कोई गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहते।
मोर्कल का मानना है कि कई मौकों पर गेंदबाजी में छठा या सातवां विकल्प जरूरी हो जाता है। उन्होंने कहा, ऐसे दिन में हमें ऐसे खिलाड़ी की जरूरत है जो हमारे लिए वह काम कर सके। हालात उसे अधिक रास आ सकते हैं। ऐसे में उसे उस दिन अच्छे प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेनी होगी। जब कप्तान सूर्यकुमार यादव उसे यह जिम्मेदारी सौपे तो उसे तैयार रहना होगा।
मोर्कल बोले- अभी पिच पर काफी घास
चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भारत चार विशेषज्ञ स्पिनरों कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, अक्षर पटेल और रवींद्र जडेजा के साथ उतरा था, लेकिन वह मार्च में थी और मोर्कल ने कहा कि सितंबर में दुबई की विकेट पर घास अधिक होती है और यह तरोताजा रहती है। उन्होंने कहा, हमें विकेट को देखना होगा। चैंपियंस ट्रॉफी जिस समय खेली गई थी, उस समय इस पिच पर काफी क्रिकेट खेला जा चुका था और यह पुरानी लग रही थी। हम आज पिच को देखेंगे और मुझे लगता है कि इस पर काफी घास है। हमें पता चल जाएगा कि टीम संयोजन और रणनीति क्या होनी चाहिए।