रोहित शर्मा की टीम शनिवार (29 जुलाई) को जब दूसरे वनडे में वेस्टइंडीज के सामने होगी तो उसकी निगाहें वनडे में कैरेबियाई टीम पर बीते 17 वर्षों से चली आ रही श्रेष्ठता बरकरार रखने पर होंगी। भारत अगर दूसरा वनडे जीतता है तो न सिर्फ विंडीज से लगातार 13वीं वनडे सीरीज जीतेगा बल्कि 2006-07 से इस टीम पर चला आ रहा अपना वर्चस्व भी कायम रख पाएगा। हालांकि, विंडीज की टीम की जिस तरह की दुर्दशा चल रही है उससे टीम इंडिया को चुनौती मिलना मुश्किल लग रहा है। बावजूद इसके पांच अक्तूबर से शुरू हो रहे वनडे विश्वकप को ध्यान में रखते हुए इस मैच में सूर्यकुमार यादव का चलना जरूरी है।
सूर्यकुमार यादव ने पहले मैच में 25 गेंद में 19 रन बनाए। वह टी-20 में जबरदस्त प्रदर्शन करते आए हैं। इस प्रारूप में उनका एक्स फैक्टर साफ नजर आता है, लेकिन वनडे विश्व कप की टीम में स्थान बनाने के लिए उन्हें इस प्रारूप में भी रन बनाने होंगे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वह लगातार तीन मैचों में पहली गेंद पर आउट हुए। श्रेयस अय्यर के फिट होने पर उनका नंबर चार के स्थान के लिए इस बल्लेबाज के साथ कड़ा मुकाबला होगा। ऐसे में सूर्य के पास दूसरे और तीसरे वनडे में रन बनाकर आत्मविश्वास हासिल करने का बड़ा मौका है।
रोहित शर्मा और शाई होप
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रोहित, विराट के अपने स्थान पर उतरने की संभावना
पहले वनडे में रोहित शर्मा और राहुल द्रविड ने विश्व कप को ध्यान में रखकर प्रयोग किए और ईशान किशन को ओपनिंग पर भेजा। खुद रोहित निचले क्रम पर आए, लेकिन दूसरे वनडे में ऐसा होने की संभावनाएं कम हैं। विराट कोहली को तो बल्लेबाजी का मौका भी नहीं मिला। अगर भारत पहले बल्लेबाजी करता है तो रोहित एक बार फिर ओपनिंग पर नजर आ सकते हैं और विराट कोहली नंबर तीन के अपने निर्धारित स्थान पर उतर सकते हैं। ईशान ने पहले मैच में 46 गेंद में 52 रन की पारी जरूर खेली, लेकिन दूसरे वनडे में रोहित के साथ शुभमन गिल को ही ओपनिंग का मौका मिलने की उम्मीद है।
भारतीय पिचें भी हैं स्पिनरों की मददगार
पहले मैच में विंडीज की पारी 23 ओवर में 114 रन पर सिमट गई। इसके लिए कुलदीप यादव और रविंद्र जडेजा की जोड़ी जिम्मेदार थी। दोनों ने मिलकर सात विकेट आपस में बांटे। हालांकि भारतीय टीम भी इस छोटे से स्कोर के आगे परेशानी में पड़ गई। गुडकेश मोती और यानिक कारिहा की स्पिन गेंदों ने भारत के ऊपरी क्रम को परेशान किया, लेकिन विश्व कप को ध्यान में रखते हुए यह परेशानी अच्छी है। भारतीय पिचें भी स्पिनरों की मददगार हैं। खासतौर पर चेन्नई और लखनऊ में स्पिनरों को काफी मदद मिलते देखी गई है।
राहुल द्रविड़
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रोहित-द्रविड के प्रयोगों पर रहेगी नजर
भारत को यहां से पांच अक्तूबर से शुरू हो रहे विश्वकप तक 11 वनडे मैच खेलने हैं। इन्हीं मैचों में राहुल द्रविड और रोहित शर्मा को गेंदबाजी और बल्लेबाजी क्रम के लिए प्रयोग करने हैं। पहले मैच में भी यही दिखाई दिया। टी-20 विश्वकप से पहले भी भारतीय टीम ने काफी प्रयोग किए थे, जिसका नतीजा अच्छा नहीं रहा था। ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि द्रविड अगले 11 मैचों में कितने प्रयोग करते हैं।
कभी तेज गेंदबाजों का थीं स्वर्ग अब है स्पिनरों की मददगार पिचें
ब्रिजटाउन का यह वही मैदान है, जिसने दिग्गज मैल्कम मार्शल और जोएल गार्नर जैसे खतरनाक तेज गेंदबाजों को दिया, लेकिन आज के समय में वेस्टइंडीज की टीम और उसकी पिचों का हाल बुरा है। यह वही ब्रिजटाउन की पिच है जो अपनी तेजी के लिए मशहूर थी, लेकिन पहले मैच में यह स्पिनरों को जबरदस्त रूप से मदद देती दिखाई दी। दूसरे मैच में भी पिच से स्पिनरों को मदद मिलने की उम्मीद है। वनडे विश्वकप के लिए क्वालिफाई नहीं करने के चलते कैरेबियाई देशों में इस खेल की लोकप्रियता में जबरदस्त गिरावट आई है। खाली स्टेडियमों को देखकर ऐसा ही लगता है। ऊपर से यहां टी-20 लीग को प्राथमिकता ने भी वनडे और टेस्ट का काम खराब किया है। विंडीज के टेस्ट कप्तान क्रेग ब्रेथवेट भी यहां की पिचों की गुणवत्ता पर सवाल उठा चुके हैं।
वेस्टइंडीज के विकेट का जश्न मनाती भारतीय टीम
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दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11
भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, ईशान किशन (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या, सूर्यकुमार यादव, रवींद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, कुलदीप यादव, उमरान मलिक, मुकेश कुमार।
वेस्टइंडीज: ब्रेंडन किंग, एलिक अथानाजे, शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), कीसी कार्टी, शिमरॉन हेटमायर, रोवमन पॉवेल, रोमारियो शेफर्ड, डोमिनिक ड्रैक्स, यानिक कारियाह, गुडकेश मोती, जेडेन सील्स।