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श्रीलंका की धरती पर हुए भारत और श्रीलंका के बीच 5 जोरदार मुकाबले

Wed, 12 Aug 2015 09:21 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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श्रीलंका की धरती पर भारत और श्रीलंका के बीच 2010 के बाद यानी पूरे 5 साल बाद टेस्ट सीरीज शुरू होने जा रही है। दिलचस्प यह है कि भारत ने 1993 यानी पिछले 22 सालों से अपने इस पड़ोसी देश के घर में कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीती है।
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12 अगस्त से शुरू हो रहे पहले टेस्ट मैच से टीम इंडिया दो दशक से भी ज्यादा समय तक श्रीलंका में सीरीज जीतने के सूखे को खत्म करने के अभियान की शुरुआत करेगी। धोनी युग के बाद अब भारतीय टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली युग की शुरआत हो चुकी है। धोनी के काल में भारतीय टीम विदेशी धरती पर जीत को तरस गई थी। भारत ने 2011 के बाद से विदेशी धरती पर कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीती है।

दोनों टीमों के बीच पहला टेस्ट मुकाबला सितंबर 1982 को चेन्नई में खेला गया था, जिसमें अप्रत्याशित रुप से श्रीलंका ने मैच को ड्रॉ पर खत्म कराया था। हम आपको यह भी बता दें कि दोनों टीमों के बीच 35 टेस्ट मैच खेले गए जिसमें 14 मैच भारत ने जीते हैं और 15 मैच ड्रॉ पर खत्म हुए। श्रीलंका ने 6 मैच अपने नाम किए हैं। जानते हैं दोनों टीमों के बीच 5 सर्वश्रेष्ठ मुकाबलों के बारे में।
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मुरली के 800वें टेस्ट विकेट वाले मैच में हार गया था भारत

2010 के भारत के श्रीलंका दौरे के दौरान यह टेस्ट सीरीज मुथैया मुरलीधरन की विदाई सीरीज भी रही, जिसमें उन्होंने करियर में 800 टेस्ट विकेट झटकने का कारनामा कर दिखाया।

सीरीज का पहला टेस्ट मैच मुरलीधरन के साथ-साथ श्रीलंकाई टीम के लिए यादगार रहा क्योंकि मुरली ने इस मैच में 800वां विकेट हासिल किया तो टीम को शानदार जीत भी मिली। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए थंरगा पर्णाविताना और कुमार संगकारा ने शतकीय पारियां खेली जिससे टीम 520 रन बनाने में कामयाब रही। जवाब में वीरेंद्र सहवाग ने शतकीय पारी खेली लेकिन टीम 276 पर आउट हो गई।

गाले में खेले गए इस मैच में फिरकी गेंदबाज मुरलीधरन ने पहली पारी में 5 विकेट झटके फिर दूसरी पारी में भी 3 विकेट निकाले। मैच के पांचवें दिन उन्होंने 800वां विकेट हासिल कर लिया। उनके शानदार प्रदर्शन के दम पर श्रीलंका ने यह मैच 10 विकेट से जीत लिया। इस हार के बाद भारत सीरीज में 0-1 से पिछड़ गया।

पर VVS लक्ष्मण के शानदार शतक के मैच जीत बचाई सीरीज

2010 में टीम इंडिया श्रीलंका के दौरे पर थी और तीसरे मैच से पहले भारत सीरीज में 0-1 से पिछड़ रहा था। कोलंबो में खेले गए तीसरे मैच में वीरेंद्र सहवाग से शानदार शतक के दम पर भारत ने 11 रन की बढ़त हासिल कर ली थी।

श्रीलंका ने इसके बाद भारत के सामने जीत के लिए 257 रनों का लक्ष्य रखा लेकिन उस समय की नंबर वन टीम 62 रन के स्कोर पर चार विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी, ऐसे में मध्य क्रम के बेजोड़ बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने शानदार शतक लगाते हुए नाबाद 103 रनों की पारी खेली और टीम को पांच विकेट से शानदार जीत दिला दी थी।

इस जीत से कप्तान धोनी की टीम टेस्ट सीरीज को 1-1 से खत्म कराने में कामयाब रही। टीम की जोरदार जीत में मुरली विजय, इशांत शर्मा और अमित शर्मा इस दौरे पर गई टीम का हिस्सा हैं लेकिन पहले मैच में मुरली अनफिट होने के कारण मैच से बाहर हो गए हैं।

2001 में भारत को 8 साल बाद मिली थी श्रीलंका में पहली जीत

सौरव गांगुली की अगुवाई में टीम इंडिया 2001 में श्रीलंका के दौरे पर गई थी और उस दौरान भी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेली गई थी। सीरीज में भारतीय टीम ने पहला मैच गंवा दिया और सीरीज में पिछड़ गई थी।

कैंडी में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में भारत को जीत के लिए 264 रनों का लक्ष्य मिला था जिसे उसने राहुल द्रविड़ के 75 और कप्तान सौरव गांगुली के नाबाद 98 रनों की खेली गई पारी के दम पर 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया।

टीम इंडिया की यह जीत कोई मामूली जीत नहीं थी, उसने 8 साल बाद श्रीलंका की धरती पर कोई टेस्ट मैच जीता था।

2008 में मेंडिस के कमाल के आगे लुढ़क गई थी टीम इंडिया

2008 में भी टीम इंडिया श्रीलंका के दौरे पर थी लेकिन यह सीरीज भारतीय टीम के लिए एक बुरे सपने की तरह साबित हुई। श्रीलंका ने इस सीरीज से एक करिश्माई गेंदबाज अजंता मेंडिस को पहली बार टीम में शामिल किया और इस नवोदित गेंदबाज ने अपनी फिरकी से भारतीय बल्लेूबाजों को खूब छकाया।

सीरीज के पहले दो मैच के बाद सीरीज 1-1 से बराबरी पर थी लेकिन निर्णायक मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी रहस्यमयी गेंदबाज मेंडिस की गेंदबाजी से सहमी नजर आई और दोनों ही पारियों में बल्लेबाज नाकाम रहे। मेंडिस ने इस मैच में कुल 8 विकेट झटके और उनके अलावा कुमार संगकारा ने पहली पारी में 144 रनों की पारी खेली थी।

श्रीलंका ने यह मैच 8 विकेट से जीतकर सीरीज पर भी 2-1 से कब्जा जमा लिया।
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2008 में जब सहवाग ने बिगाड़ दिया था मेंडिस का लय

श्रीलंका की धरती पर पांचवां सबसे रोमांचक मुकाबला 2008 में ही गाले में खेला गया। तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत एक बार फिर पहला मैच हारकर पिछड़ा हुआ था। इसके बाद गाले में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने पहली पारी में नाबाद 201 रनों की पारी खेली जिसके दम पर भारत ने 329 रन बनाए। सहवाग के दोहरे शतक को छोड़ दिया जाए तो बाकी बल्लेबाज अजंता मेंडिस की गेंदबाजी का सामना नहीं कर सके और 6 विकेट इस गेंदबाज ने ले लिए।

भारत को पहली पारी के आधार पर 37 रनों की बढ़त हासिल हुई। फिर भारत ने मेजबान टीम को जीत के लिए 307 रनों का लक्ष्य रखा। लेकिन इस मैच में हरभजन सिंह ने भी कमाल की गेंदबाजी की। पहली पारी में 6 विकेट लेने के बाद दूसरी पारी में भी 4 विकेट झटके।

हरभजन के 4 और इशांत शर्मा के 3 विकेटों के दम पर भारत ने श्रीलंका की दूसरी पारी को 136 रनों पर समेट दिया। इस तरह से भारत ने 170 रन से बड़ी जीत हासिल कर ली। जीत से सीरीज 1-1 से बराबरी पर आ गई।
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