फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ind Vs SA: अफ्रीका में 2016 से अफ्रीकी ओपनर्स का औसत भारत से दोगुने के करीब, क्या इतिहास बदलेंगे राहुल और मयंक

Sat, 25 Dec 2021 04:52 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सेंचूरियन

सार

भारत के ओपनिंग बल्लेबाजों के लिए अफ्रीका में रन बनाना बहुत मुश्किल रहा है। 2016 से भारत के सलामी बल्लेबाजों ने यहां 20.54 के औसत से रन बनाए हैं। वहीं अफ्रीका के ओपनर्स ने 56.49 के औसत से बल्लेबाजी की है। 
 
विज्ञापन
अफ्रीका में भारत और अफ्रीकी ओपनर्स का रिकॉर्ड - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत के अफ्रीका दौरे की शुरुआत रविवार को बॉक्सिंग डे टेस्ट से हो रही है। इस दौर में भारत को तीन टेस्ट और तीन वनडे की सीरीज खेलनी है। इस दौरे में भारत के ओपनिंग बल्लेबाजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी। अफ्रीका की तेज और उछाल भरी पिचों में रन बनाना बहुत मुश्किल रहता है और भारतीय बल्लेबाज हमेशा से ही यहां संघर्ष करते रहे हैं। ऐसे में लोकेश राहुल और मयंक अग्रवाल के सामने टिककर खेलने और रन बनाने की चुनौती होगी। पिछले पांच सालों में भारतीय ओपनर यहां लगातार संघर्ष करते नजर आए हैं। यहां 2016 से भारत के ओपनिंग बल्लेबाजों का औसत 20.54 का है। 
विज्ञापन


ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी टीमों को हराने के बाद भारत अफ्रीका को भी फतेह करना चाहेगा, लेकिन यहां टीम इंडिया का रिकॉर्ड बोहद खराब है। अब तक भारत यहां सिर्फ तीन टेस्ट मैच ही जीत पाया है। भारत को पहला टेस्ट सेंचूरियन के मैदान पर खेलना है। यहां मेहमान टीम के खिलाड़ियों के लिए बल्लेबाजी करना बहुत मुश्किल है। 2016 से लेकर अब तक यहां एक से सात नंबर के बल्लेबाजों का औसत 25.67 का रहा है। वहीं अफ्रीकी टीम के खिलाड़ियों ने 42.11 के औसत से रन बनाए हैं। 

नई गेंद से रन बनाना मुश्किल
सेंचूरियन के मैदान में सबसे ज्यादा परेशानी नई गेंद से आती है। इसी वजह से 2016 से लेकर अब तक यहां एक ही शतक लगा है, जब स्टीफन कुक ने 2016 में ही यह कारनामा किया था। वहीं मेहमान टीम के ओपनिंग बल्लेबाजों का औसत यहां 20.54 का है, जो 2016 के बाद से पांच या उससे ज्यादा टेस्ट की मेजबानी करने वाले 26 मैदानों में सबसे कम है। 
विज्ञापन


एशियाई बल्लेबाजों के लिए परेशानी ज्यादा
सेंचूरियन में 2016 के बाद से विदेशी बल्लेबाजों ने जो चार अर्धशतक लगाए हैं, उनमें से दो अर्धशतक इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने लगाए हैं। इंग्लैंड में भी गेंद अफ्रीका की तरह ही गति और उछाल के साथ आती है और स्विंग गेंदबाजों को भी मदद मिलती है। खासकर एशियाई बल्लेबाजों को यहां सबसे ज्यादा परेशानी होती है।

2016 के बाद से भारतीय ओपनर्स का अलग-अलग मैदान में सबसे कम बल्लेबाजी औसत
मैदान मैच रन औसत 100/50
सेंचुरियन 6 493 20.54 0/4
मैनचेस्टर 6 506 21.08 1/1
ग्रोस आइलेट, सेंट लूसिया  5 397 22.05 0/3
बर्मिंघम 5 426 22.42 0/3
एडिलेड 5 450 22.50 1/1

अफ्रीका में भारत का रिकॉर्ड खराब
भारत ने यहां 20 में से सिर्फ तीन टेस्ट जीते हैं। यहां टीम इंडिया के ओपनर्स का औसत भी बाकी देशों की तुलना में सबसे खराब है। अफ्रीका में भारत के ओपनिंग बल्लेबाजों का 27.56 का रहा है। भारत के सलामी बल्लेबाज यहां लगभग 10 पारियों में एक बार अर्धशतकीय साझेदारी कर पाते हैं। आखिरी बार गौतम गंभीर और वीरेन्द्र सहवाग ने 2010 में 137 रन की साझेदारी की थी। इसके बाद से भारतीय सलामी जोड़ी यहां कभी भी अर्धशतकीय साझेदारी नहीं कर पाई है। 

राहुल और मयंक पर बड़ी जिम्मेदारी
अफ्रीका में भारतीय ओपनिंग बल्लेबाजों का रिकॉर्ड बाकी सभी देशों की तुलना में सबसे खराब है। यहां भारतीय ओपनर्स ने 21.70 के औसत से 1671 रन बनाए हैं। इस सीरीज में भारत के नियमित ओपनर रोहित शर्मा और शुभमन गिल नहीं हैं। ऐसे में मयंक अग्रवाल के साथ लोकेश राहुल से पारी की शुरुआत कराई जा सकती है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें