दूसरे दिन आखिरी सत्र में बल्लेबाजी के लिए आई मेहमान टीम को लगातार दो झटके लगे। तीसरे दिन दक्षिण अफ्रीकी टीम ने 9/2 से आगे खेलना शुरू किया। उमेश यादव ने तीसरे दिन की पांचवीं ही गेंद पर ही भारतीय टीम को बड़ी सफलता दिला दी। उमेश यादव की अंदर आती गेंद को डुप्लेसि समझ नहीं पाए और बोल्ड हाे गए। मेहमान कप्तान सिर्फ एक रन ही बना पाए।
पारी के 28वें ओवर में रवींद्र जडेजा की तीसरी गेंद पर भारत ने अपना रिव्यू गंवा दिया। हमजा के खिलाफ एलबीडब्ल्यू आउट की अपील की गई थी। हालांकि अगली ही गेंद पर जडेजा ने हमजा को बोल्ड करके बावूमा के साथ उनके बड़ी साझेदारी को भी तोड़ दिया। मिडिल और लेग के आस पास उनकी सीधी गेंद को हमजा समझ नहीं पाए और बोल्ड हो गए। हमाजा और बावूमा ने मिलकर 91 रन जोड़े।
उसके बाद लिंडे और नोर्जे ने कुछ समय तक साझेदारी करते हुए रनों में इजाफा किया लेकिन वे भी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाए और पूरी टीम 166 रन पर ढेर हो गई।
शाहबाज नदीम ने भारत को पांचवीं सफलता दिलाई। 29वें ओवर की दूसरी ही गेंद पर नदीम ने टेंबा बावूमा को टेस्ट क्रिकेट का अपना पहला शिकार बनाया। नदीम की गेंद को बाहर निकलकर हिट करना चाहते थे बावूमा, लेकिन गेंद साहा के हाथों में चली गई। उन्होंने बिना समय गंवाए बेल्स उड़ा दी। बावूमा ने वापस से क्रीज में अपना बल्ला लाने की पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो गई थी। बावूमा 32 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद रवींद्र जडेजा ने भारत को एक और सफलता दिलाई और क्लासन को आउट किया।
मोहम्मद शमी ने लंच के तुरंत बाद भारत को दिलाई 7वीं सफलता दिलाई और डेल पीट को पवेलियन की राह पकड़ा दी। इसके अगले ही ओवर में उमेश यादव ने शॉर्ट मिडऑन से डायरेक्ट हीट मार कगिसो रबडा को रन आउट कर दिया।
दक्षिण अफ्रीका का आखिरी विकेट नदीम के नाम रहा। 57वें ओवर की दूसरी गेंद पर नदीम ने एनरिच नॉर्तजे को एलबीडब्ल्यू आउट किया। हालांकि यहां पर नॉर्तजे को लग रहा था कि वे सुरक्षित हैं, इसीलिए उन्होंने रिव्यू लिया, लेकिन उनका फैसला गलत रहा। गेंद पर उनके बल्ले का अंदरुनी किनारा नहीं लगा था। नॉर्तजे चार रन बनाकर पवेलियन लौटे।
रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट में पहले दोहरे शतक और अजिंक्य रहाणे की शतकीय पारी के बाद तेज गेंदबाजों की घातक गेंदबाजी के बूते भारतीय टीम ने तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच में शिकंजा कस लिया है। खराब मौसम के कारण रांची टेस्ट का लगातार दूसरा दिन भी जल्द ही खत्म करना पड़ा। खेल जल्दी समाप्त किए जाने से पहले दक्षिण अफ्रीका का शीर्षक्रम लड़खड़ा गया था।
भारत ने अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 497 रन पर समाप्त घोषित की। जवाब में दक्षिण अफ्रीका टीम दो विकेट खोकर महज नौ रन ही बना पाई। उसके दोनों सलामी बल्लेबाजों को उमेश यादव और मोहम्मद शमी ने पवेलियन का रास्ता दिखाया।
मोहम्मद शमी ने अपनी दूसरी गेंद पर ही डीन एल्गर (शून्य) को विकेट के पीछे कैच करा दिया। उनकी अतिरिक्त उछाल लेती गेंद एल्गर के दस्तानों को चूमकर ऋधिमान साहा के सुरक्षित हाथों में पहुंची। उमेश यादव ने अगले ओवर में दूसरे सलामी बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक (चार) को साहा के हाथों कैच कराया।
इसके बाद खराब रोशनी के कारण विराट कोहली को तेज गेंदबाज हटाने पड़े। स्टंप उखड़ने के समय कप्तान फाफ डुप्लेसि एक रन पर खेल रहे थे जबकि जुबैर हमजा को अभी खाता खोलना है। भारत की पहली पारी के आधार पर प्रोटियाज टीम अभी भी 488 रन पीछे है।