भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने टी20 विश्व कप में खिताबी जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर उनकी नीतियों को लेकर होने वाली आलोचनाओं पर भी बयान दिया। गंभीर ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी जवाबदेही सोशल मीडिया पर लिखने वालों के प्रति नहीं, बल्कि ड्रेसिंग रूम में बैठे 30 लोगों के प्रति है।
कई बार निशाने पर आए हैं गंभीर
गंभीर कई बार अपनी नीतियों और भारत की हार के कारण निशाने पर आते रहे हैं। सोशल मीडिया पर गंभीर की शैली को लेकर यूजर्स सवाल खड़ते हैं, विशेषकर उनके कार्यकाल में टेस्ट टीम का प्रदर्शन जिस तरह का रहा है, उसे देखते हुए उनकी तीखी आलोचना होती है। हालांकि, अब गंभीर ने आलोचकों पर जवाब दिया है।
भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर जीता खिताब
भारत ने न्यूजीलैंड को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में हराकर खिताब जीत लिया है। भारत के 255 रन के जवाब में न्यूजीलैंड 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई। टीम इंडिया ने तीसरी बार टी20 विश्वकप का खिताब जीता है। इससे पहले टीम 2007 में पहले संस्करण और 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में खिताब जीती थी। सूर्यकुमार यादव का भी नाम विश्व विजेता कप्तानों में शुमार हो गया है। अहमदाबाद में साल 2023 में ऑस्ट्रेलिया से वनडे विश्वकप में हार के बाद कई बातें कही गई थीं, लेकिन अब टीम इंडिया ने चैंपियन बनते हुए इतिहास दोहराया भी, हराया भी और नया इतिहास भी रच दिया।
गंभीर के साथ तालमेल पर क्या बोले सूर्यकुमार?
सूर्यकुमार यादव से जब पूछा गया कि उनका कोच गंभीर के साथ तालमेल कैसा है? इस पर भारतीय कप्तान ने कहा, टीम चुनते वक्त मेरे और कोच गंभीर के 15 में से 14 खिलाड़ी एक समान होते हैं। मैं उनके अंडर में चार साल खेला हूं। हमारे बीच अच्छा तालमेल है।
गंभीर ने इन तीन लोगों को दिया ट्रॉफी का श्रेय
सूर्यकुमार से पूछा गया कि आप ये ट्रॉफी का श्रेय किसे देंगे। इस पर हालांकि, गंभीर ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, मैं राहुल द्रविड़ भाई, वीवीएस लक्ष्मण और अजीत अगरकर को ट्रॉफी जीतने का श्रेय देता हूं। राहुल भाई ने जो किया है वो अलग स्तर का है। द्रविड़ ने जिस तरह टीम को बनाया और मदद की वो वाकई सराहनीय है।
सूर्यकुमार ने संन्यास की अटकलों को किया खारिज
सूर्यकुमार यादव ने स्पष्ट किया है कि वह अभी खेल से संन्यास नहीं लेने जा रहे हैं। सूर्यकुमार ने कहा, जब सबकुछ ठीक चल रहा है तो क्यों संन्यास लेना है।