भारतीय बल्लेबाजों ने पहले मैच में जीत के लिए 160 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय एक विकेट पर 102 रन बना लिए थे । स्मृति मंधाना और जेमिमा रॉड्रिग्ज के आउट होने के बाद हालांकि पूरी टीम 136 रन पर आउट हो गई। इससे 2017 विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड से मिली हार की यादें ताजा हो गई।
पहले मैच में मिताली का अनुभव टीम के लिए जरूरी था लेकिन उन्हें अंतिम एकादश में नहीं रखा गया। पहली बार उतरी प्रिया पूनिया ने मंधाना के साथ पारी का आगाज किया, लेकिन पांच गेंद ही खेल सकी। युवा डायलान हेमलता भी चौथे नंबर पर नाकाम रही।
टीम प्रबंधन अगले साल होने वाले टी-20 विश्व कप के लिये टीम संयोजन तैयार करने में जुटा है और यही वजह है कि मिताली को बाहर रखा गया । युवाओं के नाकाम रहने के बाद इतने अहम मुकाबले में उन्हें उतारा जा सकता है।
दूसरी ओर न्यूजीलैंड के हौसले बुलंद है जिसने आखिरी वनडे और पहले टी20 में भारत को हराया। कप्तान हरमनप्रीत कौर भी बड़ी पारी नहीं खेल सकी । भारतीय टीम को तेज गेंदबाज लिया ताहूहू को संभलकर खेलना होगा जिसने वेलिंगटन में तीन विकेट लिये और प्लेयर आफ द मैच रही थी।