भारत के स्टार तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जाने वाले चौथे टी20 मैच के दौरान एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। अर्धशदीप टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 150 विकेट पूरे करने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बनने से सिर्फ एक विकेट दूर हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ शुक्रवार को ऑकलैंड में होने वाले चौथे टी20 मुकाबले में इस बड़ी उपलब्धि पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। अर्शदीप ने तीसरे टी20 मैच में टिम सीफर्ट को आउट करके अपना एक विकेट लिया था और अब वह इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बेहद करीब हैं।
टी20 में सर्वाधिक विकेट लेने वाले भारतीय कौन?
भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह 126 विकेटों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। हालांकि, न्यूजीलैंड दौरे के सफेद गेंद वाले मैचों में वर्कलोड मैनेजमेंट (कार्यभार प्रबंधन) को ध्यान में रखते हुए उन्हें आराम दिया गया है। अर्शदीप ने जुलाई 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था और जनवरी 2025 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच के दौरान वह इस फॉर्मेट में भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए थे। अर्शदीप ने बेन डकेट को आउट करके अपना 97वां टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल किया था और युजवेंद्र चहल के 96 विकेटों के पिछले भारतीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था।
भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय में सर्वाधिक विकेट
| खिलाड़ी |
मैच |
विकेट |
इकॉनमी |
| अर्शदीप सिंह |
102 |
149 |
8.65 |
| जसप्रीत बुमराह |
100 |
126 |
6.52 |
| अक्षर पटेल |
115 |
115 |
7.70 |
| हार्दिक पांड्या |
138 |
114 |
8.34 |
| कुलदीप यादव |
56 |
98 |
7.10 |
सैंटनर भी उपलब्धि से एक कदम दूर
इस बीच, न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर भी 150 टी20 अंतरराष्ट्रीय शिकार पूरे करने से महज एक विकेट दूर हैं। वह ईश सोढ़ी और टिम साउदी के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले न्यूजीलैंड के तीसरे गेंदबाज बन जाएंगे।
सीरीज में भारत का दबदबा
भारतीय टीम ने मौजूदा सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया है। बल्लेबाजों के आक्रामक अंदाज ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा है। पिछले मुकाबले में अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से प्रभावित किया, जबकि तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी ने भी टीम की बल्लेबाजी की गहराई को साबित किया। भारत ने दो मैच शेष रहते ही सीरीज पर कब्जा जमा लिया है। ऐसे में टीम प्रबंधन के पास आगामी मुकाबलों में नए खिलाड़ियों को मौका देने और अलग-अलग संयोजनों को परखने का अवसर है।