पारस आनंद की माने तो खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया के आधार पर गेंद की गुणवत्ता सुधारने की ओर काम किया जाएगा। अश्विन के बयान पर जवाब देते हुए पारस कहते हैं, 'मैंने खुद कभी बॉल की यह दुर्दशा नहीं देखी थी, यह पिच की वजह से हो सकता है। मैं चेन्नई में नहीं था, मैंने टीवी से ही पिच देखा, मुझे नहीं पता ट्रैक कितना कठोर था। हालांकि 300 विकेट लेने के बाद इशांत ने भी कहा था कि वो पिच नहीं बल्कि सड़क पर गेंदबाजी कर रहे थे।