अब यहां से इंग्लैंड के लिए यह मैच हारना तो मुश्किल है। यहां से या तो मेहमान टीम जीत सकती है नहीं तो यह मैच ड्रॉ हो सकता है। अब आलम यह है कि टीम इंडिया के सामने चेन्नई टेस्ट बचाने की चुनौती है। इसके जिम्मेदार भारत के शीर्ष क्रम के अधिकतर बल्लेबाज हैं। चेन्नई टेस्ट में टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों की नाकामी, चेतेश्वर पुजारा का अजीबोगरीब आउट होना और ऋषभ पंत का नर्वस नाइंटीज जैसे कारणों ने भारतीय टीम के लिए मुश्किल पैदा कर दी है।
पहले टेस्ट मैच के शुरुआती दो दिन भारतीय गेंदबाजों के संघर्ष करने के बाद दारोमदार बल्लेबाजों पर था लेकिन वे भी नाकाम रहे। भारत का स्कोर चार विकेट पर 73 रन था जिसके बाद पुजारा और पंत ने पांचवें विकेट के लिए 119 रन की साझेदारी की। इन दोनों से लंबी पारियों की उम्मीद थी लेकिन पुजारा का पिछले दो साल से चला आ रहा शतक का इंतजार पूरा नहीं हुआ जबकि पंत फिर से नर्वस नाइंटीज के शिकार बने। इससे पहले घातक गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने भारतीय सलामी जोड़ी को टिकने नहीं दिया। रोहित ने उनकी अतिरिक्त उछाल लेकर मूव करती गेंद पर विकेटकीपर जोस बटलर को कैच दिया। युवा सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल पांच चौके की मदद से 29 रन बनाकर आउट हो गए।
दूसरे सत्र में भारत को कोहली और रहाणे के रूप में तगड़ा झटका लगा। पितृत्व अवकाश के बाद वापसी करने वाले कोहली ने काफी समय पर क्रीज पर बिताया लेकिन बेस की ऑफ स्टंप से बाहर पिच कराई गई गेंद ने तेजी से स्पिन लिया और भारतीय कप्तान के बल्ले का किनारा लेकर शॉर्ट लेग पर खड़े ओली पोप के पास चली गयी। बेस के अगले ओवर में जो रूट ने डाइव लगाकर रहाणे का शानदार कैच लिया। भारत का स्कोर चार विकेट पर 73 रन था। इसके बाद पुजारा (73) और पंत (91) ने पांचवें विकेट के लिए 119 रन की साझेदारी की।
इन दोनों से लंबी पारियों की उम्मीद थी लेकिन पुजारा का पिछले दो साल से चला आ रहा शतक का इंतजार पूरा नहीं हुआ जबकि पंत फिर से नर्वस नाइंटीज के शिकार बने। चेन्नई टेस्ट में इंग्लैंड अगर इस मजबूत स्कोर तक पहुंची है तो इसके लिए टीम इंडिया की कमजोर रणनीति रही है। कोई भी भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के कप्तानजो रूट पर दबाव नहीं बना सका। इसका नतीजा यह रहा है उन्होंने अपने 100वें टेस्ट को यादगार बनाते हुए उन्होंने 218 रनों की शानदार पारी खेली।
चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को अंतिम ग्यारह से बाहर रखा गया है। उनकी जगह शाहबाज नदीम को टीम में जगह दी गई है। मगर वह इस टेस्ट मैच में कोई बड़ा कमाल नहीं सके। बता दें कि कुलदीप ने 2019 में अपना आखिरी टेस्ट खेला था। पितृत्व अवकाश के बाद वापसी करने वाले कोहली डीआरएस को लेकर काफी असहज रहे, जिसका फायदा इंग्लैंड को मिला। पहले टेस्ट में अब तक इस तरह की कई चूक हुई, जिसकी भरपाई करना शायद मुश्किल हो। हालांकि, भारत के पास दो दिन बचे हैं और फॉलोऑन का खतरा भी बरकरार है।