भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज ने रोमांच की सारी हदें पार कर दीं। पांचों मुकाबले पांच दिन तक गए और दोनों टीमों के बीच जीत के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिली। इंग्लैंड ने पहले और तीसरे टेस्ट में जीत हासिल की, जबकि भारत ने दूसरे और पांचवें टेस्ट मैच को अपने नाम किया और इस तरह सीरीज 2-2 से बराबर रही। मैनचेस्टर में खेला गया चौथा टेस्ट ड्रॉ रहा था। यह एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 सीरीज कई मायनों में ऐतिहासिक रही। इस सीरीज में कई रिकॉर्ड्स बने और टूटे।
सीरीज में 45 बोल्ड आउट
इस टेस्ट सीरीज में 45 बोल्ड आउट दर्ज किए गए। ये 21वीं सदी में किसी भी सीरीज में दर्ज किए गए सबसे ज्यादा बोल्ड आउट हैं। इस सीरीज में कुल 175 विकेट गिरे और इसमें 45 बार यानी एक चौथाई से भी ज्यादा बार खिलाड़ी बोल्ड हुए। इससे पहले भी यह रिकॉर्ड भारत-इंग्लैंड सीरीज के नाम ही था। 2024 में इंग्लैंड के भारत दौरे पर 39 बार खिलाड़ी बोल्ड आउट हुए थे। पांच मैचों की इस सीरीज में सिर्फ तीन मैच खेलने वाले भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने सबसे ज्यादा बोल्ड आउट (10) किए।
सिराज ने एटकिंसन को बोल्ड किया
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एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 सीरीज में बने अन्य बड़े रिकॉर्ड्स
- 7187 रन: एक सीरीज में दूसरे सबसे ज्यादा रन (पांचों टेस्ट को मिलाकर)।
- 14 बार: एक सीरीज में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा 300+ के टीम स्कोर
- 9: एक सीरीज में सबसे ज्यादा 400 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज।
- 50: संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा व्यक्तिगत 50+ के स्कोर।
- 21: संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा व्यक्तिगत शतक।
- 19: संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारियां।
सिराज की दमदार गेंदबाजी
वहीं, दिलेर तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज का इंग्लैंड में पांच टेस्ट मैचों में किया गया शानदार प्रदर्शन उनके आंकड़ों में भी नजर आया। उन्होंने 23 विकेट लेकर इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में जसप्रीत बुमराह के भारतीय रिकॉर्ड की बराबरी की। बुमराह ने साल 2021-22 में यह उपलब्धि हासिल कर भुवनेश्वर कुमार (19) का रिकॉर्ड तोड़ा था। सिराज इस सीरीज के साथ शुरू हुई एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में भी सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। सिराज के बाद इंग्लैंड के जोश टंग (19) दूसरे स्थान पर रहे।
रनों के लिहाज से सबसे करीबी जीत
द ओवल में भारत को छह रनों से जीत मिली, जो टेस्ट क्रिकेट में रनों के लिहाज से उसकी सबसे करीबी जीत है। इससे पहले साल 2004 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुंबई में मिली 13 रनों की जीत का रिकॉर्ड था। भारत ने सीरीज में कुल 3,809 रन बनाए, जो पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे ज्यादा स्कोर है। भारत के खिलाफ यह लगातार चौथी टेस्ट सीरीज है जिसे जीतने में इंग्लैंड की टीम नाकाम रही। यह सिलसिला 2018 से चला आ रहा है। यह पारंपरिक प्रारूप में इंग्लैंड का सीरीज में सफलता हासिल करने में नाकाम रहने का दूसरा सबसे लंबा दौर है। इससे पहले वे 1996 और 2011 के बीच पांच सीरीज में बिना किसी जीत के रहे थे।
जो रूट
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रूट ने गावस्कर की बराबरी की
इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट ने ओवल टेस्ट की दूसरी पारी में 104 रन बनाए, जो भारत के खिलाफ टेस्ट में उनका 13वां शतक और कुल मिलाकर 16वां शतक है। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ की बराबरी कर ली है। रूट ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 13 शतक बनाने के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर के रिकॉर्ड की भी बराबरी की है। अब एक ही देश के खिलाफ सबसे ज्यादा टेस्ट शतक बनाने के मामले में उनसे आगे सिर्फ डॉन ब्रैडमैन (इंग्लैंड के खिलाफ 19 शतक) हैं। रूट विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के इतिहास में 6,000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज भी बन गए हैं।
गिल ने गूच-गावस्कर को पीछे छोड़ा
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने इस सीरीज में 754 रन बनाकर सुनील गावस्कर और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ग्राहम गूच जैसे दो महान बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने कप्तान के तौर पर सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में गावस्कर (732) के भारतीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। गिल ने भारत और इंग्लैंड के बीच किसी एक सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने के बाद गूच (752) के 35 साल पुराने रिकॉर्ड को अपने नाम किया।