केएल राहुल ने पहले मैच में शतक जमाया तो दूसरे मैच में जल्दी आउट हो गए। मगर उनकी जगह को कोई खतरा नहीं है। राहुल शानदार फॉर्म में है और वह तीसरे टी-20 इंटरनेशनल मैच में कमाल की पारी खेलकर टीम इंडिया को इतिहास रचते देखना चाहेंगे।
कप्तान विराट कोहली ने भी दूसरे टी-20 इंटरनेशनल में अपनी बल्लेबाजी का दमखम दिखाया। वह एक बार फिर बढ़िया पारी खेलकर टीम को जीत दिलाने के लिए प्रयास करेंगे।
सुरेश रैना की जगह सुरक्षित है या नहीं, यह कहना मुश्किल है। उनकी जगह दिनेश कार्तिक को भी मौका मिल सकता है। मगर बाएं हाथ के बल्लेबाज ने दूसरे टी-20 में उपयोगी पारी खेली और कप्तान विराट कोहली के साथ अच्छी साझेदारी निभाई। रैना को अपनी जगह टीम में स्थापित करना है तो तीसरे टी-20 में उन्हें बड़ी पारी खेलना होगी।
एमएस धोनी ने पिछले मैच में बेहतरीन बल्लेबाजी की और टीम इंडिया को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया था।। उनकी कीपिंग की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है। धोनी अब 37 वर्ष के हो गए हैं और वह नए जोश के साथ मैदान संभालकर अंग्रेज खिलाड़ियों की छुट्टी करना चाहेंगे।
हार्दिक पांड्या ने भी मौका मिलना तय नजर आ रहा है। पांड्या को बल्ले से प्रभावित करने का मौका नहीं मिल रहा है, लेकिन वह अच्छी लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी कर रहे हैं। उन्होंने अहम मौकों पर विकेट निकाले हैं और विराट कोहली ऐसी क्षमता वाले खिलाड़ी को सीरीज के निर्णायक मैच में शायद ही बाहर बिठाएं।
कुलदीप यादव को इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए नया तरीका खोजना होगा। पहले मैच में पांच विकेट लेकर इतिहास रचने वाले यादव की चमक दूसरे मैच में फीकी पड़ गई। उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला। इंग्लिश बल्लेबाजों ने मर्लिन मशीन का उपयोग किया और इसके बाद दूसरे मैच में उन्हें कुलदीप का तोड़ मिल गया।
वहीं चहल अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपनी क्षमता के अनुरूप अधिक विकेट लेने की जरूरत है। कुलदीप और चहल की जोड़ी टीम इंडिया को सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभा सकती है। कप्तान कोहली को अपने स्पिनर्स से विराट प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
उमेश यादव ने दोनों ही मैचों में बेहतरीन गेंदबाजी की है। उन्होंने पहले मैच में जहां अहम मौकों पर दो विकेट निकाले तो पिछले मैच में अंतिम समय में किफायती गेंदबाजी वाला ओवर डाला। टीम इंडिया को उम्मीद होगी कि उमेश अपनी गति और सटीकता से एक बार फिर इंग्लिश बल्लेबाजों के होश उड़ा दें।
भुवनेश्वर कुमार की चमक मौजूदा सीरीज में थोड़ी फीकी पड़ती दिखी है। हालांकि, उनकी क्षमता पर कोई सवाल खड़ा नहीं कर सकता क्योंकि फैंस अच्छी तरह जानते हैं कि वह कभी भी अकेले के दम पर मैच का रुख पलटने की ताकत रखते हैं। विराट कोहली इतने महत्वपूर्ण मैच में भुवनेश्वर के बिना नहीं उतरेंगे।