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टीम इंडिया पर मैनचेस्टर पर मैदान मारने का दबाव

Thu, 07 Aug 2014 10:16 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ गुरुवार से मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रेफर्ड में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट मैच के लिए टीम इंडिया भारी दबाव के साथ मैदान पर उतरेगी।
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5 टेस्ट मैचों की इस सीरीज में दोनों टीमें 1-1 से बराबर चल रही हैं जबकि एक टेस्ट मैच ड्रॉ रहा था। भारत ने लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में ऐतिहासिक जीत दर्ज करके सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई थी लेकिन इंग्लैंड ने तीसरे टेस्ट मैच में धोनी एंड कंपनी पर जबरदस्त पलटवार करके हिसाब बराबर कर दिया।

भारत के ऊपर अब न सिर्फ सीरीज में बढ़त कायम करने का बल्कि पिछले मैच में की गई गलतियां न दोहराने का भी दबाव होगा। धोनी के सामने गेंदबाजी और सलामी जोड़ी का चुनाव भी सबसे बड़ी समस्या है जिससे उन्हें चौथे टेस्ट से पहले निपटना है।
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*चौथा टेस्ट मैच, प्रसारण: स्टार क्रिकेट पर दोपहर 3.30 बजे से।

अश्विन को मिल सकता है मौका

टीम इं‌डिया ने मंगलवार को अभ्यास सत्र के दौरान जमकर पसीना बहाया। अभ्यास सत्र के दौरान आर अश्विन भी गेंदबाजी करते दिखाई दिए। तीसरे टेस्ट में मिली हार के बाद अश्विन के 2014 में पहला टेस्ट खेलने की संभावना बढ़ गई है।

चौथे टेस्ट में टीम प्रबंधन भी उनकी वापसी की जुगत में हैं। लेकिन यह साफ नहीं है कि उनकी वापसी रोहित शर्मा की जगह होगी या फिर आलरांउडर रवींद्र जडेजा की जगह। रोहित शर्मा ने साउथम्‍प्टन टेस्ट की दोनों पारियों में निराश किया है जबकि जडेजा विकेट टेकिंग गेंदबाज हैं।

क्यूरेटर का कहना है कि मैच से पहले थोड़ी बारिश हुई है। लिहाजा पिच पर नमी रहेगी और पेस और बाउंस गेंदबाजों का मूल मंत्र होगा।

स्पिनर्स और पेसरों, दोनों के लिए माकूल है यह पिच

जहां तक गेंदबाजी विभाग का सवाल है तो ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच पहले भी स्पिनरों की मददगार रही है। पिछले 20 साल का रिकॉर्ड देखें तो यहां स्पिनरों और पेसरों दोनों ने अपनी छाप छोड़ी है।

मोंटी पनेसर और शेन वार्न यहां तीन मैचों में क्रमशः 25 और 21 विकेट झटक चुके हैं। पनेसर 3 बार 5 विकेट लेने और एक बार 10 विकेट झटकने का कारनामा कर चुके हैं।

दूसरी ओर, तेज गेंदबाजों में स्टीवन हर्मिसन को ओल्ड ट्रैफर्ड का लॉर्ड कहा जाता है। उन्होंने 4 मैचों में 24 विकेट झटके हैं। पंकज सिंह की वजह वरुण एरोन को टीम इंडिया में शामिल किया जा सकता है।

इंग्लैंड की जमीन पर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अनुभवी तेज गेंदबाज इशांत शर्मा के चोटिल हो जाने से वह चौथे टेस्ट से बाहर हो गए हैं जबकि बेहतरीन फार्म में चल रहे भुवनेश्वर कुमार भी टखने में चोट लगी है। भुवनेश्वर समय पर पूरी तरह फिट होकर मैदान पर उतर पाते हैं या नहीं यह भी फिलहाल तय नहीं है। इसलिए पांचवें गेंदबाज को लेकर तस्वीर अब भी साफ नहीं है।

टीम इंडिया की ओपनिंग पर माथापच्ची

सीरीज का चौथा टेस्ट दोनों टीमों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। चौथे टेस्ट में उतरने से पहले टीम इंडिया प्रबंधन इस समय माथापच्ची में लगा होगा कि मैनचेस्टर में मुरली विजय के साथ शिखर धवन को बरकरार रखा जाए या गौतम गंभीर को वापस बुलाकर एक नई जोड़ी बनाई जाए।

भारतीय कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी तीसरा टेस्ट हारने के बाद भारी दबाव में आ चुके हैं कि 7 अगस्त से मैनचेस्टर में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट में खराब फॉर्म में चल रहे ओपनर धवन की जगह अनुभवी ओपनर गंभीर को टीम में वापस बुला सकते हैं।

टीम प्रबंधन के सामने ओपनिंग को लेकर इस समय यह सबसे बड़ा यक्ष प्रश्‍न है। इस सीरीज के 3 टेस्टों में अब तक शिखर एक बार भी कामयाब नहीं रहे हैं। उनकी नाकामी का खामियाजा भारत के शीर्ष क्रम को उठाना पड़ रहा है।

सीरीज में है भारत को अच्छी शुरुआत की दरकार

टीम इंडिया को सीरीज में अब तक एक बार भी अच्छी शुरुआत नहीं मिली है जिसके चलते भारतीय बल्लेबाजी तीनों ही टेस्टों मे दबाव में रही है।

नॉटिंघम में ड्रॉ रहे पहले टेस्ट में शिखर धवन और मुरली विजय की ओपनिंग जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 33 रन और दूसरी पारी में 49 रन जोड़े।

लॉर्ड्स टेस्ट में भारत की ऐतिहासिक जीत में इस जोड़ी ने पहली पारी में 11 रन और दूसरी पारी में 40 रन जोड़े। जबकि साउथम्प्टन में तीसरे टेस्ट मैच में भारत की पराजय में इस जोड़ी ने पहली पारी में 17 रन और दूसरी पारी में 26 रन जोड़े। तीनों टेस्टों में खराब ओपनिंग में भारत के शीर्ष और मध्यक्रम को लगातार दबाव में रखा।

पूर्व दिग्गज भी कर रहे टीम में बदलाव की मांग

पूर्व दिग्गज मांग कर रहे हैं कि गौतम गंभीर को चौथे टेस्ट में मौका मिलना चाहिए। यदि गंभीर को इस दौरे के लिए चुना गया तो उन्हें निश्चित ही चौथे टेस्ट में मौका दिया जाना चाहिए। उन्हें यदि अब मौका नहीं मिलता है तो इस दौरे में उनके चयन का कोई औचित्य नहीं है।

पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भी धवन को हटाकर गंभीर को शामिल करने की वकालत कर चुके हैं।

चौथे टेस्ट में भारतीयों को यदि वापसी करनी है तो उसके ओपनरों को टीम को अच्छी शुरुआत देनी होगी। वैसे भी शिखर का आत्मविश्वास इस समय बिखरा हुआ है।

एक और खराब प्रदर्शन उनके टेस्ट करियर को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में बेहतर होगा कि उन्हें एक ब्रेक दिया जाए ताकि वह टेस्ट सीरीज के बाद होने वाली वनडे सीरीज में बेहतर मनोबल के साथ उतर सकें।
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ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत का खराब रिकॉर्ड

टीम इंडिया के लिए एक मुसीबत मैनचेस्टर की ओल्ड ट्रैफर्ड पिच पर पिछले खराब रिकॉर्ड को तोड़ना भी है। भारतीय टीम ने मैनचेस्टर पर इंग्लैंड के खिलाफ कभी भी टेस्ट मैच नहीं जीता है जबकि मेजबान इंग्लैंड इस मैदान पर मेहमान टीम के खिलाफ कभी नहीं हारी है।

इस मैदान पर दोनों टीमों के बीच हुए 8 मैचों में से इंग्लैंड 3 में जीत दर्ज करने में सफल रही है जबकि शेष 5 मैच ड्रॉ रहे हैं। अनुमान जताया जा रहा है कि यहां पर हरी घास होगी। ऐसे में गेंदबाजों की भूमिका एक बार फिर अहम हो जाती है।

भारत का इस मैदान पर एक पारी में न्यूनतम स्कोर 58 रन रहा जो उसने 1952 में बनाया था जबकि इंग्लिश टीम का इस मैदान पर एक पारी में सबसे कम स्कोर 294 रन रहा है।

मेजबान टीम ने 8 मैचों में 7 बार अपनी पारी घोषित की। यह रिकॉर्ड साफतौर पर इस मैदान पर मेजबान टीम के दबदबे को दिखाता है।
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