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INDvENG: भारत की निगाह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल पर, आखिरी टेस्ट में इंग्लैंड का फिर होगा इम्तेहान

Wed, 03 Mar 2021 11:18 PM IST
मुकेश कुमार झा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने के लिहाज से चौथा टेस्ट अहम माना जा रहा है। इंग्लैंड की टीम के लिए इस मैच में अधिक कुछ दांव पर नहीं, पर भारत के लिए काफी कुछ दांव पर लगा है।
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भारत बनाम इंग्लैंड - फोटो : social media
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विस्तार
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भारत और इंग्लैंड के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज का आखिरी मुकाबला चार मार्च से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला सुबह नौ बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा। फिलहाल भारतीय टीम सीरीज में 2-1 से आगे है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने के लिहाज से यह मुकाबला अहम माना जा रहा है। भारतीय टीम को हर हाल में इस मैच को जीतने की कोशिश करेगी और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में क्वालीफाई करके के लक्ष्य को पूरा करेगी। 

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अगर विराट कोहली की टीम अंतिम टेस्ट ड्रॉ भी करा लेती है तो जून में लार्ड्स में होने वाले फाइनल में जगह बना लेगी, जहां उसका सामना न्यूजीलैंड से होगा। इंग्लैंड की टीम फाइनल की दौड़ से बाहर हो गई है लेकिन अगर अंतिम टेस्ट में जीत दर्ज करती है तो फिर भारत को भी खिताबी मुकाबले से बाहर कर देगी और टिम पेन की अगुआई वाली ऑस्ट्रेलिया की टीम को इस मुकाबले में खेलने का मौका मिलेगा। इस तरह के मैच में ड्रॉ हमेशा सुरक्षित विकल्प होता है लेकिन आक्रामक रवैया अपनाने वाले कोहली और कोच रवि शास्त्री रक्षात्मक रवैया नहीं अपनाना चाहेंगे क्योंकि ऐसा करना कभी कभी भारी भी पड़ जाता है।
 

भारत के लिए काफी कुछ दांव पर

टीम इंडिया - फोटो : twitter@BCCI
मोटेरा की नई पिच पर तीसरे टेस्ट के दौरान गुलाबी गेंद के सामने मेहमान टीम को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और भारत ने सिर्फ दो दिन के अंदर 10 विकेट से जीत दर्ज की। बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल की सीधी गेंदों का सामना करने में इंग्लैंड के बल्लेबाजों को काफी परेशानी हुई क्योंकि वे शुरुआत से ही गेंद के टर्न होने की उम्मीद कर रहे थे। चेन्नई में दूसरे टेस्ट से ही यह रणनीति मेजबान टीम के लिए सफल रही है। इंग्लैंड की टीम के लिए इस मैच में अधिक कुछ दांव पर नहीं लगा है। टीम इस मैच में जीत के साथ श्रृंखला ड्रॉ कराके अपनी प्रतिष्ठा बचाना चाहेगी लेकिन भारत के लिए काफी कुछ दांव पर लगा है। आंकड़ों के हिसाब से भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान होने के बावजूद कोहली ने स्वीकार किया है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की प्रतियोगिताओं के संदर्भ में अपने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी जैसी सफलता नहीं मिली है।

...तो क्या फिर चलेगा अक्षर और रविचंद्रन का जादू!

अक्षर पटेल - फोटो : ट्विटर @BCCI
अक्षर और रविचंद्रन अश्विन ने श्रृंखला में मिलकर अब तक 42 विकेट चटकाए हैं और कोहली उनके विकेटों के आंकड़ों में और इजाफा होता देखना चाहेंगे। भारतीय स्पिनरों ने पहले तीन टेस्ट में इंग्लैंड के 60 में से 49 विकेट चटकाए हैं और लोगों को पता है कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अंतिम टेस्ट में वे क्या उम्मीद कर सकते हैं। कोहली को स्पिनरों के साथ कोई शिकायत नहीं है, जिन्होंने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया है। उन्हें हालांकि बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। भारतीय बल्लेबाज अब तक श्रृंखला में दबदबा बनाने में नाकाम रहे हैं और उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए।

रोहित शर्मा ने श्रृंखला में अब तक 296 रन बनाए हैं जो दूसरे सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज अश्विन के 176 रन के आंकड़े से 120 रन अधिक हैं। अश्विन ने चेपॉक की मुश्किल पिच पर शतक जड़ा था। रोहित के अलावा भारत का कोई बल्लेबाज अब तक स्पिन की अनुकूल पिचों पर आत्मविश्वास के साथ नहीं खेल पाया है। कोहली ने दो अर्धशतक जड़े हैं लेकिन अब तक गेंदबाजों पर दबदबा बनाने वाली पारी नहीं खेल पाए हैं जिसके लिए वह जाने जाते हैं। अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा और शुभमन गिल तीन टेस्ट मैचों में सिर्फ एक-एक अच्छी पारी खेल पाए हैं।

उमेश यादव की प्लेइंग इलेवन में हो सकती है वापसी

उमेश यादव - फोटो : ट्विटर
भारतीय टीम अंतिम मैच में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के बिना उतरेगी और ऐसे में उमेश यादव की प्लेइंग इलेवन में वापसी हो सकती है। ये देखना होगा कि उनके जोड़ीदार इशांत शर्मा होंगे या मोहम्मद सिराज। उधर, भारतीय उप कप्तान अजिंक्य रहाणे और इंग्लैंड के बल्लेबाज जैक क्रॉउली दोनों का मानना है कि चौथे टेस्ट की पिछले पिछले दो मैचों के समान लग रही है लेकिन गुलाबी गेंद की तुलना में लाल गेंद पिच पर गिरने के बाद उतनी अधिक तेजी से नहीं आती जिससे दोनों टीमों के बीच मुकाबला कड़ा देखने को मिल सकता है। 
 

इंग्लैंड की लचर बल्लेबाजी में खराब टीम चयन

जो रूट - फोटो : social media
इंग्लैंड की लचर बल्लेबाजी में खराब टीम चयन का भी हाथ रहा है। कप्तान जो रूट (333 रन) ने पहले टेस्ट में दोहरा शतक जड़ा लेकिन उनके और दूसरे सर्वोच्च स्कोर बने स्टोक्स (146) के बीच 187 रन का अंतर है। रूट ने तीसरे टेस्ट में गेंदबाजी में भी करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए आठ रन देकर पांच विकेट चटकाए थे। टीम अंतिम टेस्ट में दो विशेषज्ञ स्पिनरों के साथ उतर सकती है। बाएं हाथ के स्पिनर जैक लीच (16 विकेट) ने प्रभावित किया है लेकिन उनकी अपनी सीमाएं हैं और वह अक्षर की तुलना में औसत 10 किमी प्रतिघंटा कम की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं। एक बार फिर स्पिन की अनुकूल पिच की संभावना को देखते हुए उन्हें डॉम बेस का साथ मिल सकता है। बेस ने चेन्नई में पहले टेस्ट में प्रभावित किया था लेकिन इसके बाद उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला।
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टीमें इस प्रकार हैं:

भारत बनाम इंग्लैंड - फोटो : twitter
भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत, वाशिंगटन सुंदर, रविचंद्रन अश्विन, अक्षर पटेल, इशांत शर्मा, उमेश यादव, मोहम्मद सिराज, रिद्धिमान साहा, मयंक अग्रवाल, हार्दिक पंड्या, कुलदीप यादव और लोकेश राहुल।

इंग्लैंड: जो रूट (कप्तान), जेम्स एंडरसन, जोफ्रा आर्चर, जॉनी बेयरस्टो, डोम बेस, स्टुअर्ट ब्रॉड, रोरी बर्न्स, जैक क्रॉउली, बेन फोक्स, डैन लॉरेंस, जैक लीच, ओली पोप, डोम सिबली, बेन स्टोक्स, ओली स्टोन, क्रिस वोक्स और मार्क वुड।
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