शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी भारत के लिए चिंता का विषय है क्योंकि शिखर धवन की खराब फॉर्म के कारण भारत की शुरुआत पर असर पड़ रहा है। धवन पिछले 15 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में सिर्फ दो अर्द्धशतक जड़ पाए हैं लेकिन इसकी संभावना कम ही है कि भारत पहले दो मैच जीतने वाली टीम में कोई बदलाव करेगा। फॉर्म में वापसी करने वाले लोकेश राहुल को अपने मौके के लिए भारत के सीरीज जीतने का इंतजार करना पड़ सकता है लेकिन टीम प्रबंधन उन्हें तीसरे नंबर पर भी आजमा सकता है।
रायडू की जगह आ सकते हैं राहुल
न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछली सीरीज में 90 रन की सिर्फ एक अच्छी पारी खेलने वाले अंबाती रायडू के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी है और उनकी जगह राहुल को मौका दिया जा सकता है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास लेने वाले रायडू को क्रीज पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनकी मुख्य समस्या स्ट्राइक रोटेट करने में नाकाम रहना है। अगर धवन को टीम में बरकरार रखा जाता है तो राहुल को तीन मैच खिलाने का सर्वश्रेष्ठ तरीका यह है कि वह तीसरे नंबर पर उतरें जबकि कप्तान कोहली रायडू की जगह चौथे नंबर पर बल्ल्ेबाजी करें।
विजय शंकर ने जगाई नई उम्मीदें
भारत की गेंदबाजी को लेकर कोई समस्या नजर नहीं आती। टीम के गेंदबाज इकाई केरूप में प्रदर्शन करने में सफल रहे हैं। इस मैच में तो भुवनेश्वर भी वापसी कर रहे हैं। दूसरे मैच का सबसे सकारात्मक पक्ष जाधव और विजय शंकर का मिलकर पांचवें गेंदबाज की भूमिका सफलतापूर्वक निभाना रहा। विजय शंकर ने अंतिम ओवर में दो विकेट चटकाकर भारत को जीत दिलाई जिससे कप्तान के अंदर भी भरोसा आया होगा कि अगर हार्दिक पंड्या नहीं खेल पाते हैं तो वह तमिलनाडु के इस ऑलराउंडर पर निर्भर रह सकते हैं।