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Analysis: कंगारुओं ने नहीं की मेहनत, भारतीय बल्लेबाजों ने 'गिफ्ट' किए अपने विकेट

Fri, 07 Dec 2018 02:15 PM IST
अभिषेक निगम, अमर उजाला
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पैट कमिंस
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विदेश जाते ही पता नहीं भारतीय बल्लेबाजों को क्या हो जाता है! ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया को टेस्ट सीरीज जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन एडिलेड टेस्ट शुरू हुआ तो तस्वीर बिलकुल उलट नजर आई। एडिलेड की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जा रही थी।
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टीम इंडिया के लिए तो शुरुआत भी शानदार रही। कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीता तो फैंस को शुभ संकेत मिले कि विराट ब्रिगेड के लिए सबकुछ अच्छा होने वाला है। कप्तान कोहली ने बल्लेबाजी का फैसला लेकर फैंस को दोबारा खुश कर दिया। 

यहां तक टीम इंडिया के लिए सबकुछ अच्छा बीता। मगर इसके बाद पुरानी मानसिकता हावी होती दिखी। विदेश में भारतीय बल्लेबाज सफल नहीं होते और यह गुरुवार को एक बार फिर साबित होता दिखा।
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ओपनर केएल राहुल के आउट होने के साथ ही इसकी शुरुआत हुई। राहुल बेशक अच्छे फॉर्म में नहीं चल रहे हैं, लेकिन अभ्यास मैच में उन्होंने दूसरी पारी में अर्धशतक जमाकर अपनी लय हासिल करने के संकेत दिए थे।

राहुल के पास इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता था कि वह एडिलेड पर अपना खोया फॉर्म हासिल करें क्योंकि यहां की पिच बल्लेबाजों के अधीन थी। ऐसा नहीं था कि राहुल को आउट करने के लिए तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड को कड़ी मेहनत करनी पड़ी हो। भारतीय बल्लेबाज ने अपना विकेट गिफ्ट किया। यहीं से फिर भारतीय बल्लेबाजों का कंगारू टीम को विकेट उपहार में देने का सिलसिला शुरू हुआ।

मुरली विजय, कप्तान विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा और ऋषभ पंत ने अपने विकेट ऑस्ट्रेलिया को उपहार में दिए। इन्हें आउट करने के लिए कंगारू गेंदबाजों को प्रयास नहीं करना पड़ा।

बल्लेबाजों ने खराब शॉट खेलकर अपने विकेट गंवाए और मेजबान टीम को अनचाहा फायदा दिलाया। क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप के बारे में बल्लेबाज को अच्छे से पता होता है कि पिच पर समय बिताना जरूरी होता है और इसके लिए शुरुआत में उसे ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों को छोड़ना होता है। 

भारतीय बल्लेबाजों में वह सब्र और धैर्य नहीं दिखा। राहुल समेत भारत के शीर्ष पांच बल्लेबाजों ने ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंदों से छेड़खानी की और अपने विकेट गंवाएं। कंगारुओं को विकेट तोहफे में देने का सिलसिला राहुल से शुरू हुआ। उन्होंने जोश हेजलवुड की बाहर जाती फुल लेंथ गेंद पर बिना फुटवर्क के कवर ड्राइव लगाने की कोशिश की। गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर दूसरी स्लिप में मुस्तैद फील्डर के हाथों में गई।

इसके बाद मुरली विजय ने मिचेल स्टार्क की ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर ड्राइव लगाने का प्रयास किया। विजय के साथ भी परेशानी वही रही। उन्होंने बिना पैर चलाए ड्राइव लगाया। इसका नतीजा यही रहा कि गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया और विकेटकीपर टिम पैन को आसान कैच लपकने का मौका मिला। फिर बारी आई कप्तान विराट कोहली की। 

कोहली अपनी पारी की 8वीं गेंद का सामना कर रहे थे, लेकिन उन्होंने बाहर की गेंद पर कवर ड्राइव खेलने का प्रयास किया। उस्मान ख्वाजा ने निश्चित ही उनका दर्शनीय कैच लपका, लेकिन विश्व के नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज से ऐसे लापहरवाही भरे शॉट की उम्मीद किसी को नहीं थी।

हद तो तब हो गई जब टेस्ट में भारतीय मध्यक्रम के महत्वपूर्ण बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने भी लापहरवाही भरा शॉट खेलकर अपना विकेट गंवाया। रहाणे ने हेजलवुड की बाहर जाती गेंद को जानबूझकर छेड़ा और अपना विकेट गंवा दिया। ऋषभ पंत के विकेट पर स्पष्ट नजर आया कि उन्हें अनुभव प्राप्त करने की जरूरत है। वहीं रोहित शर्मा ने गैर-जिम्मेदराना अंदाज में अपना विकेट गंवाया।

भारतीय टीम का प्रमुख बल्लेबाजी क्रम जिस तरह ढहा, उससे किसी को जरा भी खुशी नहीं हुई होगी। स्टार बल्लेबाजों को चेतेश्वर पुजारा से सीखने की जरूरत है कि किस तरह पहले क्रीज पर समय बिताया जाए और फिर अपने अंदाज में बल्लेबाजी करें। पुजारा ने समर्पण, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता का परिचय दिया और शानदार शतक जमाकर भारतीय टीम की नैया पार लगाई। 

पुजारा ने लगभग 8 घंटे क्रीज पर बिताए और टीम इंडिया को 250 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। फिलहाल, देरी नहीं हुई है। अभी दौरे की शुरुआत हुई है। भारतीय टीम के बल्लेबाजों को इन गलतियों से सबक लेकर आगे बढ़ना होगा और अगली ही पारी से अपने विजेता होने की दावेदारी को पुख्ता साबित करना होगा।
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