पिछले 14 सीजन में आठवीं बार फाइनल खेल रही चार बार की चैंपियन भारतीय टीम अंडर-19 विश्व कप इतिहास की सबसे कामयाब टीम है और इंग्लैंड के खिलाफ शनिवार को फाइनल में यश धुल की टीम इस दबदबे पर मुहर लगाने के इरादे से उतरेगी।
भारत की नजरें रिकॉर्ड पांचवें खिताब पर है और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह मुश्किल भी नहीं लग रहा। दूसरी ओर 24 वर्ष में पहला फाइनल खेल रही इंग्लैंड का इरादा भी इतिहास रचने का है और दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला रोमांचक होने की उम्मीद है।
कोरोना को भी दी है मात
मैदान से बाहर कोरोना संक्रमण से जूझने के बावजूद भारतीय टीम को फाइनल तक पहुंचने में दिक्कत नहीं आई, जो खिलाड़ियों की प्रतिभा और टीम की गहराई की बानगी पेश करती है। कप्तान धुल और उपकप्तान शेख रशीद संक्रमण के कारण तीन में से दो मैच नहीं खेल सके थे।
यश और रशीद शानदार फॉर्म में
कप्तान यश धुल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में शानदार शतक जड़ा। वहीं रशीद ने भी 95 रन की पारी खेली। सलामी बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी और हरनूर सिंह सेमीफाइनल में चल नहीं सके और फाइनल में उन्हें अत्यधिक रक्षात्मक खेलने से बचना होगा।
धुल और रशीद ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खराब शुरुआत के बाद जिस तरह से पारी को संभाला, उससे उनकी परिपक्वता नजर आई। मौजूदा टीम में से कुछ ही खिलाड़ी सीनियर स्तर पर खेल सकेंगे, लेकिन शनिवार को फाइनल में अपने प्रदर्शन से वह आईपीएल की आगामी मेगा नीलामी के लिए टीमों का ध्यान खींचने में जरूर कामयाब हो सकते हैं। यानी उनके पास अपनी तकदीर बदलने का यह सुनहरा मौका होगा।
गेंदबाज भी हैं लय में
बल्लेबाजी में जहां व्यक्तिगत प्रदर्शन देखने को मिला, वहीं गेंदबाजों ने एक ईकाई के रूप में प्रभावित किया है। राजवर्धन हंगरगेकर और रवि कुमार ने शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को परेशान किया तो विक्की ओस्तवाल ने स्पिन गेंदबाजी का मोर्चा बखूबी संभाला। वह 10.75 की औसत से 12 विकेट ले चुके हैं।
रशीद ने कहा- हमारी टीम बहुत अच्छी है और हम फाइनल जीतेंगे। अंडर-19 सितारों को भारतीय क्रिकेट के धुरंधरों से भी काफी कुछ सीखने को मिल रहा है। 2008 में अंडर-19 टीम के कप्तान के तौर पर विश्व कप जीतने वाले विराट कोहली ने उन्हें बताया कि फाइनल का दबाव कैसे झेलना है।
- चार बार लगातार फाइनल में पहुंची है भारतीय टीम
- 1998 में फाइनल में पहुंची थी इंग्लैंड की टीम पिछली बार
इंग्लैंड को 24 साल से खिताब का इंतजार
अफगानिस्तान के खिलाफ तनावपूर्ण सेमीफाइनल के बाद अब इंग्लैंड की नजरें 24 साल से खिताब का इंतजार खत्म करने पर लगी है। टूर्नामेंट में भारत की तरह ही अपराजेय रही टॉम प्रेस्ट की टीम के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। प्रेस्ट अभी तक 73 की औसत से 292 रन बना चुके हैं, जबकि तेज गेंदबाज जोशुआ बॉयडेन ने 13 विकेट लिए हैं।
भारतीय बल्लेबाजों को इंग्लिश स्पिनर रेहान अहमद को संभलकर खेलना होगा। रेहान बीच के ओवरों में विकेट निकालने में माहिर हैं। फाइनल का नतीजा जो भी हो, भारतीय युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया है, लेकिन अपने लिए इतने ऊंचे मानदंड कायम करने वाले इन खिलाड़ियों का लक्ष्य अब इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने का होगा।
- 03 शतक लगा चुके हैं भारतीय खिलाड़ी अब तक टूर्नामेंट में, जिसमें अंगकृष, राज बावा और यश धुल शामिल हैं।
- 12 विकेट लिए हैं विक्की ओस्तवाल ने पांच मैचों में, जिसमें एक बार पांच विकेट लेना शामिल है। उनकी इकॉनोमी रेट भी 3.39 की है।
- 39 चौके लगाए हैं अभी तक अंगकृष और इस मामले में टूर्नामेंट के बल्लेबाजों में दूसरे नंबर पर हैं। फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के ब्रेविस (45) को पछाड़ सकते हैं।
संभावित प्लेइंग-11:
भारत: यश धुल (कप्तान), हरनूर सिंह, अंगकृष रघुवंशी, शेख रशीद, निशांत सिंधू, कौशल तांबे, राजवर्धन हंगरगेकर, विक्की ओस्तवाल, दिनेश बाना, राज बावा, रवि कुमार।
इंग्लैंड: टॉम प्रेस्ट (कप्तान), जॉर्ज थॉमस, जैकब बेथेल, जेम्स रियू, विलियम लक्सटन, जॉर्ज बेल, रेहान अहमद, एलेक्स होर्टन (विकेटकीपर), जेम्स सेल्स, थॉमस एस्पिनवाल, जोशुआ बॉयडेन।